दिव्यांगों को उपकरण प्रदान करते सीएम।
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प्रदेश के स्वास्थ्य सुविधा विहीन क्षेत्रों में मरीजों का इलाज करने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञ हेलीकॉप्टर से भेजे जाएंगे। दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों में टेली रेडियोलॉजी और टेली मेडिसिन की सुविधा शुरू की जाएगी। मेडिकल नीति के तहत राज्य में सेवाएं नहीं देने वाले डॉक्टरों को नोटिस जारी किए जाएंगे। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कही।
शनिवार को बागेश्वर पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा देना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। जिन जिलों में चिकित्सा विशेषज्ञों की कमी है, वहां पर हेलीकॉप्टर से डॉक्टर भेजकर मरीजों का इलाज किया जाएगा। इसके लिए एक तिथि भी तय की जाएगी।
इंटरनेट की अच्छी कनेक्टिविटी वाले प्रदेश के कुछ अस्पतालों में टेली रेडियोलॉजी शुरू की गई है। मरीजों के हित में टेली मेडिसिन की सुविधा भी शीघ्र शुरू की जाएगी। राज्य के विभिन्न अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की निगरानी के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों को ऑनलाइन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मेडिकल एजूकेशन पॉलिसी के तहत यहां के मेडिकल कॉलेजों से डिग्री लेने वाले 450 डॉक्टरों ने राज्य में सेवाएं नहीं दी। ऐसे डॉक्टरों को नोटिस जारी किए जाएंगे और वापस बुलाकर दूरस्थ क्षेत्रों में तैनाती दी जाएगी। बताया कि 173 डॉक्टर हाल में नियुक्त किए हैं। शीघ्र ही और इंटरव्यू होने हैं। दो हजार डॉक्टरों ने आवेदन किया है। इन्हें दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त करने के प्रयास किए जाएंगे।
मोबाइल अल्ट्रासाउंड पर नजर रखने के निर्देश
बागेश्वर। लिंगानुपात पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बेहद गंभीर नजर आए। उन्होंने कहा कि मोबाइल अल्ट्रासाउंड के जरिये भी लिंग परीक्षण हो रहे हैं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ ही पुलिस को भी मोबाइल अल्ट्रासाउंड पर नजर रखने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को किसी भी घर में बेटी का जन्म होने पर माता-पिता को प्रोत्साहित करने को कहा।