मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कलक्ट्रेट सभागार में बैठक लेकर विभिन्न विभागों की समीक्षा की। शिक्षा, चिकित्सा, सड़कों आदि की समीक्षा करने के दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पुराना ढर्रा छोड़कर स्वयं को बदलने की नसीहत दी। जीरो टालरेंस की बात कहकर मुख्यमंत्री बैठक के बीच-बीच में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को चेतावनी भी देते नजर आए।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए शिक्षकों की कमी के साथ ही छात्रों की संख्या और प्राथमिक स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में अधिकारियों से जानकारी मांगी। जिले में चल रहे महाविद्यालयों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल, सीएचसी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की तैनाती की जानकारी ली और जल्द ही डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने का आश्वासन भी दिया। सीएम ने ट्रामा सेंटर के संचालन को लेकर प्रयास करने की बात कही।
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने सड़कों की स्थिति और सड़क निर्माण में जिन काश्तकारों की भूमि कटी है, उनके मुआवजे के संबंध में जानकारी मांगी। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि काश्तकारों को जल्दी मुआवजा दें। बिजली विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने विद्युत सुविधा से वंचित 208 तोकों के 1413 परिवारों को शीघ्र बिजली देने के निर्देश दिए।
यूपीसीएल के ईई ने विभाग के पास 11 में से 10 जेई के पद रिक्त होने की जानकारी दी। उद्यान, रेशम विभाग, खादी ग्रामोद्योग, भेड़ पालन आदि के संबंध में भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जानकारी ली। समीक्षा बैठक में केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री धन सिंह, विधायक चंदन राम दास, कपकोट के विधायक बलवंत भौर्याल, भाजपा जिलाध्यक्ष शेर सिंह गढ़िया, डीएम रंजना, एसपी मुकेश कुमार, एडीएम राहुल गोयल सहित सभी विभागों के अधिकारी थे।
उत्तराखंड में प्रोफेशनलिज्म का अभाव
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने समीक्षा बैठक में कहा कि उत्तराखंड के लोगों में प्रोफेशनलिज्म नहीं है। खेती और उद्यान पर्वतीय क्षेत्रों में व्यवसाय नहीं बन पाए हैं। उन्होंने श्रम को उत्पादन से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। कहा कि उत्पादकों को लागत के साथ ही श्रम का लाभ भी मिलना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से किसानों के हित में योजनाएं बनाने, किसानों को लेमन ग्रास सहित अन्य एरोमेटिक पौधों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने इस कार्य के लिए सभी विभागों को मिलकर कार्य करने की नसीहत दी।