बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन बनाने के लिए छापामारी अभियान चलाएं। संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की विशेष रूप से निगरानी जरूरी है। परीक्षा के दौरान कोई भी कक्ष निरीक्षक मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं कर सकेगा। यह बात जिलाधिकारी ने बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में कही।
सीईओ कार्यालय सभागार में आयोजित प्रधानाचार्यों की बैठक को संबोधित करते हुए डीएम भूपाल सिंह मनराल ने कहा कि बोर्ड परीक्षा कराना चुनौतीपूर्ण कार्य है। नकल विहीन परीक्षा के लिए प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस संवेदनशील होकर कार्य करें। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों से परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों के बैठने के साथ ही बिजली, पानी और शौचालय की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को परीक्षा केंद्रों में शांति और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी जवानों की तैनाती के निर्देश दिए। मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्या ने परीक्षा शुरू करने से समाप्त होने तक सभी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में कुल 10040 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षाओं के लिए 54 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 10 परीक्षा केंद्र संवेदनशील हैं।
बैठक में उपजिलाधिकारी बागेश्वर फिंचाराम चौहान, कपकोट के आरएस टोलिया, कांडा रेखा कोहली, गरुड़ के रवींद्र सिंह बिष्ट, डीएसपी धनीराम, जिला शिक्षाधिकारी आकाश सारस्वत, खंड विकास अधिकारी गरुड़ गोविंद सिंह बोरा, कपकोट के बीसी पंत, तहसीलदार कपकोट मदन सिंह बिरोड़िया सहित सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य और केंद्र व्यवस्थापक मौजूद थे।