कपकोट (बागेश्वर)। नशे से बर्बाद हो रहे घरों को बचाने के लिए अब मातृ शक्ति स्वयं पहल करने लगी है। सूपी गांव की महिलाओं ने मादक पदार्थों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गांव में शराब पीने-पिलाने और लाने-बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की घोषणा की गई है। शराब पीने और बेचने-खरीदने वाले पर 25,000 और गांव में शराब लाने वाले पर 30,000 रुपये का जुर्माना लगाने का एलान किया गया है।
गांव को नशामुक्त बनाने के लिए महिलाएं रैलियां निकाल रही हैं। जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान का नेतृत्व कर रहीं वन पंचायत की सरपंच चंद्रकला टाकुली ने बताया कि गांव में अवैध रूप से शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। शराब के कारण घरों की शांति भंग हो रही है। कई घरों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। गांव में चरस का नशा करने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। नशे की लत से युवाओं को दूर करने, टूटते घरों को बचाने, गांव की शांति को बनाए रखने और समाज को व्यसनमुक्त बनाने के लिए महिलाओं ने यह पहल शुरू की है। अभियान में महिला मंगल दल अध्यक्ष भागुली देवी, पीएलवी चंपा देवी, गंगा देवी, लक्ष्मी देवी, ग्राम प्रधान गोकुल, क्षेपं सदस्य देवेंद्र सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।
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भागुली ने तल्ला सूपी से शुरू की मुहिम, समूह बनाकर छेड़ा अभियान
सूपी को व्यसनमुक्त बनाने की पहल तल्ला सूपी की भागुली देवी ने शुरू की थी। उन्हाेंने महिलाओं को साथ में लेकर जय श्री अलखनाथ देवता एकता दल का गठन किया। धीरे-धीरे पूरे गांव की महिलाओं का उनकी मुहिम को समर्थन मिला। महिलाओं ने उनके कार्य से प्रेरित होकर उन्हें सर्वसम्मति से महिला मंगल दल का अध्यक्ष बनाया है। उनकी अध्यक्षता में हुई बैठक में महिला मंगल दल, सरपंच, ग्राम प्रधान, क्षेपं सदस्य समेत सभी महिलाओं की सहमति से मादक पदार्थों के खिलाफ निर्णय लिए गए।
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मादक पदार्थों के खिलाफ लिए गए निर्णय
-गांव में मादक पदार्थों के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध।
-शादी ब्याह, पूजा पाठ या जनेऊ आदि कार्यक्रमाें में भी सेवन या परोसने पर रोक।
- गांव में भांग के पत्तों से चरस बनाने और विक्रय करने वाले पर जुर्माना और सामाजिक बहिष्कार।
-बेरोजगारी का बहाना बनाकर नशे का कारोबार करने वालों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाकर रोजगार से जोड़ा जाएगा।
- नाबालिग के मादक पदार्थों के क्रय या सेवन की जानकारी मिलते ही तत्काल परिजनों को दी जाएगी जानकारी।
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मादक पदार्थों के कारण परिवार बिखरने लगे हैं। घरों में महिलाएं हिंसा की शिकार हो रही हैं। बच्चों और समाज पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को रोकने के लिए महिलाएं एकजुट हुईं हैं। गांव से इस बुराई का अंत करने तक अभियान चलता रहेगा। -भागुली देवी, महिला मंगल दल अध्यक्ष, सूपी
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नशा पुरुष करते हैं लेकिन तकलीफ महिलाओं को उठानी पड़ती है। भागुली देवी ने गांव की महिलाओं के दर्द को समझकर नशामुक्त गांव की मुहिम छेड़ी है। सारी महिलाओं ने जिस तरह से मुहिम को सहयोग किया है वह सुखद संकेत हैं। पूरी उम्मीद है कि महिलाओं की बदौलत सूपी गांव नशामुक्त होगा। -चंद्रकला टाकुली, सरपंच, सूपी