बागेश्वर। तहसील क्षेत्र के कन्यालीकोट अंतर्गत स्यालडुंगा गांव से रहस्यमय ढंग से लापता हुईं 25 बकरियों के मामले में एक नया मोड़ आया है। पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान शुक्रवार देर शाम घने जंगल करीब दो किलोमीटर अंदर एक बकरी मिली। इस बरामदगी के बाद शेष बकरियों के मिलने की उम्मीद जगी है।
स्यालडुंगा निवासी गोपाल राम की 25 बकरियां बीते 24 जनवरी को जंगल में चुगान के दौरान गायब हो गईं थीं। ग्रामीणों ने कई दिनों तक आसपास के इलाकों की खाक छानी जिसके बाद मंगलवार को कपकोट थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ तहरीर दी गई थी। पीड़ित परिवार ने आशंका जताई थी कि चोर बकरियों को वाहन में लादकर ले गए हैं। जिला पंचायत सदस्य बलवंत राम के साथ ग्रामीणों और पुलिस की टीम ने खोजबीन का दायरा बढ़ाते हुए गनीगांव, जखेड़ा, लमचूला, पंद्रहपाली और भराड़ी के इलाकों में सघन तलाशी ली।
शक के आधार पर गरुड़ बाजार, बूचड़खानों में भी पड़ताल की गई लेकिन वहां कोई सुराग हाथ नहीं लगा। क्षेत्र के पशुपालकों में इस घटना के बाद से खौफ का माहौल है और वे अपने मवेशियों को जंगल ले जाने से कतरा रहे हैं। शुक्रवार शाम एक बकरी के जंगल के भीतर मिलने से अब पुलिस जांच के नए पहलुओं पर विचार कर रही है। घटना से पशुपालक गोपाल राम पर आर्थिक संकट गहरा गया है। उनका पूरा परिवार बकरी पालन पर ही निर्भर है।
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शुक्रवार देर शाम जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान एक बकरी बरामद हुई। इस इनपुट के आधार पर पूरी टीम उस विशेष क्षेत्र में सघन सर्च अभियान चला रही है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध रास्तों पर नजर रखी जा रही है। जल्द ही शेष बकरियों का पता लगा लिया जाएगा। - प्रताप सिंह नगरकोटी, एसओ कपकोट अर्थदंड