जनपद के बमराड़ी गांव के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर मनरेगा के तहत गांव में हुए विकास कार्यों की जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा है कि लाखों रुपये के कार्यों में केवल लीपापोती की गई है। ग्रामीणों ने आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के भी समय से नहीं मिलने का आरोप लगाया है।
अपर जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में हरीश सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि गांव में वर्ष 2014 से 2016 तक हुए कई कार्यों में अनियमितता हुई हैं। एक पुराने पेयजल टैंक में लीपापोती कर उसे नवनिर्मित दिखाया गया है। आरोप है कि विकास कार्यों की आरटीआई के तहत सूचना खंड विकास कार्यालय से मांगी गई। लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर कोई सूचना उन्हें नहीं दी गई।
जिस पर प्रथम अपीलीय अधिकारी को पत्र लिखा इसके बाद भी अधूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने गांव में पेयजल टैंक निर्माण सहित अन्य कार्यों की उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की है। ज्ञापन में नंदी देवी, मोहनी देवी, लाल सिंह, नंदन सिंह आदि ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।