कपकोट में सरमूल में सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाते श्रद्धालु।
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पुण्यदायिनी सरयू के उद्गम स्थल सरमूल के करीब सौधारा, भद्रतुंगा, तप्तकुंड में बुद्ध पूर्णिमा पर लगा मेला रविवार को संपन्न हो गया है। मेले में कपकोट, बागेश्वर, रीमा, थल, क्वीटी और पिथौरागढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
सौधारा में पांच सौ श्रद्धालुओं, भद्रतुंगा में पांच हजार और तप्तकुंड में चार हजार श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। भद्रतुंगा में करीब 60, तप्तकुण्ड में 36 के आसपास जनेऊ संस्कार किए गए। इस मौके पर सैकड़ों लोगों ने अपने पूर्वजों के मोक्ष के लिए श्राद्ध तथा तर्पण किया। भद्रतुंगा में संत देवानंद दास महाराज के सानिध्य में लखनऊ निवासी रिटायर्ड कैप्टन चामू सिंह टाकुली की ओर से अखंड रामायण पाठ किया गया। सरमूल, सौधारा, भद्रतुंगा विकास एवं सरयू संरक्षण समिति के प्रभारी अध्यक्ष भगवत कोरंगा, सलाहकार दयाल सिंह कुमल्टा ने सरयू और सरमूल की महिमा की जानकारी दी।
श्रद्धालुओं ने खुले आसमान नीचे रात काटी
बुद्ध पूर्णिमा की र्पू्व संध्या पर सौधारा तथा भद्रतुंगा में श्रद्धालुओं के रहने के लिए कोई बेहतर व्यवस्था नहीं की गई थी। इस कारण श्रद्धालुओं को गुफाओं व खुले आसमान के नीचे रात काटनी पड़ी।
राज्य सभा सांसद टम्टा को बताई समस्याएं
समिति के सलाहकार दयाल सिंह कुमल्टा ने भद्रतुंगा पहुंचे राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा से भद्रतुंगा और सौधारा की विभिन्न समस्याएं बताई। उन्होंने भद्रतुंगा में सार्वजनिक शौचालय, स्नानागार, धर्मशाला आदि बनाने की मांग की। र्पू्व विधायक ललित फर्स्वाण, नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट, क्षेपं सदस्य शेर सिंह बिष्ट, गणेश लोहनी, युगल किशोर जोशी, भीम सिंह दानू, कृष्णा कुमल्टा, कुशल सिंह धानिक आदि मौजूद थे। रिटायर्ड कैप्टन चामू सिंह टाकुली एवं जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी की ओर से भंडारा किया गया। समिति के महामंत्री कमला कुमल्टा ने सभी का आभार जताया।