बागेश्वर। चाहे लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा चुनाव या कोई उपचुनाव, खासकर उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हमेशा कम मतदान की बात सामने आती है। निर्वाचन आयोग की तमाम कोशिशों के बाद भी मतदान प्रतिशत नहीं बढ़ पाता। इसका सबसे बड़ा कारण है प्रवासी वोटर। जो रोजी रोटी की तलाश में महानगरों में चले गए हैं और वोट के दिन नहीं पहुंच पाते।
बागेश्वर जिले की दोनों विधानसभा सीटों बागेश्वर और कपकोट के 218175 मतदाताओं में से 37276 मतदाता प्रवासी हैं। इस बार प्रवासी मतदाताओं से संपर्क साधने के लिए कॉल सेंटर बनाया गया था। कॉल सेंटर के माध्यम से करीब चार हजार मतदादताओं से संपर्क साधा गया है। उन्हें घर आकर मतदान करने के लिए प्रेरित किया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि प्रवासी मतदाता वोट देने के लिए घर लौटे तो निश्चित रूप से मतदान प्रतिशत बढ़ेगा। संवाद
स्वीप ने चलाया व्यापक अभियान
बागेश्वर। इस बार स्वीप की टीम ने प्रवासी मतदाताओं से संपर्क साधने के लिए व्यापक अभियान चलाया। स्पीप की टीम ने गांव-गांव जाकर लोगों से प्रवासियों के फोन नंबर लेकर व्यक्तिगत रूप से प्रवासियों से संपर्क साधा। उन्हें मतदान के लिए घर लौटने के लिए प्रेरित किया। संवाद