बागेश्वर। गर्मी के दिनों में नगरवासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है, बावजूद इसके कुछ लोग पेयजल योजना के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए करने से बाज नहीं आते हैं। ऐसे लोगों की पहचान के लिए जल संस्थान अभियान चलाने जा रहा है। विभाग पेयजल लाइन में अवैध रूप से मोटर लगाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगा।
नगरपालिका क्षेत्र के 11 वार्ड में पेयजल आपूर्ति के लिए सात पेयजल योजनाएं संचालित की जा रही हैं। बावजूद इसके नगर के करीब 5000 कनेक्शन धारकों और 30,000 से अधिक की आबादी को मांग के सापेक्ष पीने का पानी नहीं मिल पाता है। गर्मियों के दिनों में नगर में पेयजल संकट अधिक बढ़ जाता है। एक ओर जहां नदियों का गिरता जलस्तर पेयजल किल्लत का कारण बनता है, वहीं पीने के पानी का सिंचाई के लिए उपयोग करने से भी दिक्कत होती है। कुछ उपभोक्ता न सिर्फ नल से पाइप लगाकर सिंचाई करते हैं, बल्कि सीधे लाइन से मोटर जोड़कर अन्य उपभोक्ताओं के लिए परेशानी खड़ी कर देते हैं। बढ़ते पेयजल संकट को कम करने के लिए विभाग अब ऐसे लोगों को चिह्नित कर, उनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। संवाद
हर पांचवें कनेक्शन पर लगी है मोटर
बागेश्वर। नगर में कई उपभोक्ताओं ने पेयजल लाइन को सीधे मोटर से जोड़ा है। अनुमान के अनुसार हर पांचवें कनेक्शन पर मोटर लगी है। सीधे लाइन पर लगी मोटर के चालू रहने से आगे के कनेक्शन पर पानी की मात्रा कम हो जाती है। जिसके कारण आगे वाले कनेक्शन में पानी की मात्रा कम हो जाती है।
कोट
पेयजल योजना के जल से पाइप लगाकर सिंचाई करने वालों पर कार्रवाई के लिए चुनाव के बाद विभाग अभियान चलाएगा। जिन घरों में पेयजल योजना की पाइप लाइन से सीधे या अवैध तरीके से मोटर जुड़ी होगी, उन मोटरों को जब्त किया जाएगा।
-सीएस देवड़ी, ईई जल संस्थान, बागेश्वर