बागेश्वर। लगातार पांच दिन की बारिश, बर्फबारी बृहस्पतिवार रात थम गई। इस कारण शुक्रवार को धूप निकलते ही बर्फ पिघलने लगी। इस कारण शीतलहर चलने से लोग परेशान हो गए। बिजली, संचार और यातायात सेवा बहाल न होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बर्फबारी के कारण कपकोट के ग्राम रिखाड़ी-वाछम, बोरबलड़ा, बदियाकोट, कुंवारी, कालो, सोराग, तीख, डोला, किलपारा, खाती, कीमू, गोगिना, लीती, रातिरकेटी, हांम्टीकापड़ी, मल्खाडुंगर्चा, लीती-गोगिना, नामिक आदि ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही शुरू नहीं हो सकी है।
अमसरकोट के पास हो रहे भूस्खलन से गिरेछिना, सोमेश्वर की सड़क भी बंद है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि मलबा और बरफ हटाने के लिए जेसीबी मशीन मौके पर भेजी गई है। यूपीसीएल के ईई भास्कर पांडे ने बताया कि बर्फबारी के कारण ग्राम लीती, रातिरकेटी, हाम्टीकापड़ी, मल्खाडुंगर्चा, गोगिना, कीमू में विद्युत लाइन/पोल क्षतिग्रस्त होने से विद्युत बाधित है। सौंग, पोथिंग में भी आंशिक रूप से विद्युत बाधित है।
जल संस्थान के ईई एमके टम्टा ने बताया कि बड़ी पनियाली से नानपनियाली डांगटी मोटर मार्ग नवनिर्मित कटिंग होने के कारण पेयजल लाइन कई बार टूट रही है। इससे बड़ी पनियाली, नानपनियाली, रमाड़ी क्षेत्र की जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। संबंधित विभागों ने आपूर्ति सुचारु करने का काम शुरू कर दिया है।
अल्मोड़ा वालों का पाले से पड़ा पाला
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा शहर और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार को दस बजे तक कोहरा छाया रहा। ठंड के कारण सुबह के समय लोग घरों में ही दुबके रहे। दस बजे बाद धूप निकलनेलोगों ने राहत महसूस की। मालूम हो बुधवार रात बारिश के बाद बृहस्पतिवार तड़के जिला मुख्यालय समेत जागेश्वर, बिनसर, लमगड़ा, जैंती, दन्यां, धौलछीना, सोमेश्वर, रानीखेत, चौबटिया में भारी हिमपात हुआ। इस दौरान ऊंचाई वाली जगहों में तीन फिट तक बर्फ गिरी।
बर्फबारी के कारण अल्मोड़ा-घाट, बाड़ेछीना-सेराघाट, अल्मोड़ा-शहरफाटक, मोरनौला-मोतियापाथर, अल्मोड़ा-बिनसर, हल्द्वानी-शहरफाटक, शहरफाटक-जैंती, लमगड़ा मोटर मार्ग बंद रहे, लेकिन शुक्रवार को बर्फ पिघलने और धूप निकलने के बाद सभी मार्ग खुल चुके हैं। आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेेश जोशी ने बताया कि सभी मार्ग खुल चुके हैं।
ठंड से बचने रियायती दरों पर कोयला और लकड़ी उपलब्ध कराए सरकार
गरुड़(बागेश्वर)। विकास खंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों ने सीएम को भेजे पत्र में कहा है कि जिले में काफी ठंड पड़ रही है। विकास खंड गरुड़ के नगरीय इलाके में जलाऊ ईंधन की लकड़ी और कोयला कहीं भी उपलब्ध नहीं है। ग्राम प्रधान पचना प्रकाश कोहली, मेलाडुंगरी की प्रधान कौशल्या भंडारी, बिमोला के र्पूव प्रधान हरी राम, गढ़खेत के भुवन चंद्र आर्या, सिकंदर अल्ली, दिगपाल भंडारी, नवीन ममगई आदि ने सरकार से नगरीय इलाके में रियायती दरों पर लकड़ी और कोयला उपलब्ध कराने की मांग की है।
गोपुली भौजी नाम से बनाई गई बर्फ की मूर्ति
बागेश्वर। ग्राम धरमघर निवासी कोनी पाठक समेत मिन्नी, चंदा, दीपाली, दीपक आदि ने बर्फ से बनी दुल्हन सजाई है। इसका नाम गोपुली भौजी रखा गया है। कोनी यूट्यूब चैनल भी चलाती हैं। इस चैनल समेत सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म पर भी गोपुली भौजी खासी सराही जा रही है। ब्यूरो
कपकोट के शामा क्षेत्र में बर्फबारी देखने पहुंचे लोगों के साथ घूमता कुत्ता।- फोटो : BAGESHWAR
कपकोट के शामा क्षेत्र में गिरी बर्फ देखता पर्यटक।- फोटो : BAGESHWAR