पिंडारी मार्ग में हिमपात से क्षतिग्रस्त स्टाँप सेंटर।
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पिंडारी ग्लेशियर का दीदार करने की सोच रहे पर्यटकों को फिलहाल निराश होना पड़ेगा। क्योंकि हाल के दिनों में हुई बारिश से फुरकिया में अभी भी भारी मात्रा में बर्फ है। फुरकिया से आगे जा पाना फिलहाल बेहद मुश्किल है।
पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक के लिए एक अप्रैल से खोल दिया गया है। प्रशासन ने पर्वतारोहियों के लिए रास्तों व पुलों को ठीक कर दिया है। लेकिन, फुरकिया से आगे का मार्ग अभी भी बेहद कठिन है। पिंडारी ग्लेशियर मार्ग से वापस लौटे पर्वतारोहियों ने बताया कि फुरकिया से आगे अभी भी काफी बर्फ है। बताया कि हाल के दिनों में हुई बेमौसम बारिश से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात के कारण फुरकिया से आगे पिंडारी ग्लेशियर तक तीन से चार फिट तक बर्फ बताई जा रही है। फुरकिया से पिंडारी ग्लेशियर जीरो प्वाइंट तक की दूरी सात किमी है।
स्वामी धर्मानंद की कुटिया बर्फ से ढंकी
बागेश्वर। पिंडारी ग्लेशियर के पास रहने वाले बाबा स्वामी धर्मानंद की कुटिया भी भारी बर्फ के कारण ढकी हुई है। जाड़ों के सीजन में बाबा उस स्थान को छोड़ देते हैं। पर्यटक सीजन शुरू होने पर फिर से वहां निवास करते हैं। शनिवार को बाबा धर्मानंद कुटिया में गए हैं। लेकिन, वहां पहुंचकर उन्होंने बताया कि भारी बर्फ के कारण कुटिया का नामोनिशान तक दिख नहीं रहा है। बताया कि कुछ दिन बर्फ पिघलने का इंतजार है। ब्यूरो
कोट
पिंडारी ट्रेक में पर्यटकों की सुविधा के लिए पुल व रास्ते दुरुस्त कर दिए हैं। लेकिन, फुरकिया से आगे अभी काफी बर्फ है जिस कारण पर्यटकों का पिंडारी तक पहुंच पाना अभी मुश्किल होगा। कुशल पर्वतारोही ही पिंडारी तक जा सकता है। 15 मई के बाद पिंडारी जीरो प्वाइंट तक पहुंचा जा सकता है। - शशि देव, रेंजर, वन विभाग