धपोलासेरा में बेहोश पड़ा तेंदुआ।
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धपोलासेरा में मंगलवार सुबह ग्रामीणों को तेंदुआ दिखाई दिया। ग्रामीणों की सूचना पर विभाग ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए को बेहोश करने वाली बंदूक के जरिए पिंजरे में कैद किया। वनकर्मी तेंदुए को जिला मुख्यालय ले गए हैं। सूचना मिलते ही एसडीएम रिंकू नेगी ने मौके पर पहुंचकर वनकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए।
सोमवार सुबह धपोलासेरा के हयात सिंह धपोला और उमेश धपोला कांडा की ओर आ रहे थे। उन्हें भद्रवती नदी के किनारे एक तेंदुआ दिखाई दिया। उन्होंने तत्काल एसडीएम और वन विभाग को इसकी सूचना दी। नदी के किनारे तेंदुआ होने की सूचना मिलते ही वहां ग्रामीणों का हुजूम जमा हो गया। सानीउडियार से लौट रहे कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने डीएम को फोन करके तुरंत टीम भेजकर तेंदुए को पकड़ने को कहा। सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी नारायण दत्त पांडे पिंजरा लेेकर मौके पर पहुंचे। चार घंटे बाद तेंदुआ झाड़ी से बाहर निकला। वन कर्मियों ने उसे बेहोश कर पिंजरे में कैद किया।
रेंजर पांडे ने बताया कि मादा तेंदुआ छह साल की है। वह गाभिन होने के साथ ही अस्वस्थ है। उसको वन परिसर में इलाज के बाद अल्मोड़ा भेजा जाएगा। इस दौरान तहसीलदार मयंक सिंह, धरमघर के रेंजर अनंत राम, अल्मोड़ा रेंजर केवलानंद, वन दरोगा कैलाश जोशी, तारा सिंह, पुलिस इंस्पेक्टर लोकेश रावत, तारा सिंह गड़िया, पूर्व जिपं सदस्य विरेंद्र नगरकोटी और दीपक कांडपाल आदि थे। तेंदुए के पिंजरे में कैद होने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।