बागेश्वर। जंगलों को आग के हवाले करने वाले अराजक तत्वों पर वन विभाग शिकंजा कसने लगा है। विभाग ने छह संदिग्धों को चिह्नित किया है। विभागीय टीम इनसे पूछताछ करने के साथ-साथ साक्ष्य जुटाने में जुटी है। पुख्ता सबूत मिलने पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिले में वनाग्नि का दायरा बढ़ता जा रहा है। आग को काबू करने की तमाम कोशिशों के बावजूद विभाग वनों की सुरक्षा नहीं कर पा रहा है। जंगल जलने के मामलों में अधिकांश अराजक तत्वों के जानबूझकर आग लगाने, खेत या नाप भूमि में लगी आग के आरक्षित वनों तक पहुंचने के मामले सामने आ रहे हैं। विभाग ने फायर सीजन की शुरुआत से ही जागरूकता फैलाने का दावा किया था, हालांकि धरातल पर यह सार्थक होता नहीं दिख रहा है। जंगलों को हो रहे भारी नुकसान को देखते हुए अब विभाग ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि जिला मुख्यालय के समीप घिरौली के दो और गोगिनापानी के चार लोगों को आग लगाने के संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया गया है। जांच में साक्ष्य पाए गए तो इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।