बागेश्वर। न्यायालय विशेष सत्र न्यायाधीश पंकज तोमर की अदालत ने स्मैक तस्करी के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी विक्रम सिंह रौतेला को एनडीपीएस एक्ट की धारा के तहत दोषी करार देते हुए छह माह के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला 15 जुलाई 2023 का है, एसओजी प्रभारी प्रहलाद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम झिरौली क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। ताकुला रोड स्थित कनगाड़छीना जय कालिका मंदिर के पास पुलिस को देखकर एक युवक वापस मुड़कर भागने लगा। शक होने पर टीम ने उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर आरोपी विक्रम सिंह रौतेला निवासी ग्राम छौना, काफलीगैर के पास से 9.74 ग्राम स्मैक बरामद हुई। आरोपी ने पूछताछ में बताया था कि वह हल्द्वानी से स्मैक खरीदकर लाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से विचारण के दौरान कुल सात गवाह परीक्षित कराए गए जिनमें तत्कालीन सीओ शिवराज सिंह राणा और विवेचक एसआई प्रताप सिंह नगरकोटी शामिल रहे। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है लेकिन अदालत ने साक्ष्यों और चेन ऑफ कस्टडी को दुरुस्त पाते हुए अभियुक्त को दोषी माना। दंड के प्रश्न पर आरोपी ने दलील दी कि वह अपनी वृद्ध माता का एकमात्र सहारा है और उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। अदालत ने बरामद स्मैक की मात्रा को व्यावसायिक मात्रा से काफी कम और लघु मात्रा से थोड़ा अधिक पाते हुए उसे छह माह की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर उसे 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। जेल में बिताई गई 35 दिन की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।