बागेश्वर। डीएम भूपाल सिंह मनराल की अध्यक्षता में घरेलू हिंसा एवं कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न शिकायत निवारण समिति की बैठक हुई। डीएम ने कहा कि घरेलू हिंसा की परिधि में आने वाले मामलों के निवारण के लिए समिति का गठन किया गया है। कोई भी उत्पीड़ित महिला अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है।
डीएम ने सभी जिला स्तरीय सरकारी, गैर सरकारी, स्वैच्छिक संस्थाओं और अन्य विभागीय अधिकारियों को आंतरिक कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न निवारण समिति का गठन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित ढंग से निर्धारित समय में समिति की बैठक आयोजित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि समिति में 50 प्रतिशत महिलाएं सदस्य होंगी और समिति की अध्यक्ष वरिष्ठतम महिला अधिकारी कार्मिक होगी। समिति में अध्यक्ष एवं सदस्य के रूप में संबंधित कार्यालयों, विकासखंड स्तरीय कार्यालयों के कार्मिकों को भी नामित किया जा सकता है। समिति गठन के लिए संस्थान में न्यूनतम पांच महिलाएं होनी जरूरी हैं।
यह समिति विभागीय आंतरिक कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न शिकायत निवारण समिति कहलाएगी। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी निर्मला अंसारी ने बताया कि फिलहाल 31 यौन उत्पीड़न निवारण समिति का गठन कर लिया गया है। 24 विभागों को समिति का गठन करने के लिए फिर से पत्र भेजे गए हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद के किसी भी कार्यालय में यौन उत्पीड़न संबंधित शिकायत दर्ज होने का मामला सामने नहीं आया है। बैठक में शासकीय अधिवक्ता बसंत बल्लभ पाठक, समिति सदस्य एसपी एनएस नपलच्याल, समाज कल्याण अधिकारी पीबी सिंह, जिला सूचना अधिकारी गीता जोशी, प्रशासनिक अधिकारी हंसी पांडे, रेनू बिष्ट आदि थे।