बागेश्वर। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग जिले में 35 स्वास्थ्य केंद्र संचालित कर रहा है। इन केंद्रों में चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट और चतुर्थ श्रेणी आदि के पद सृजित होते हैं। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, जिला चिकित्सालय और आयुषविंग में नियमित चिकित्साधिकारियों के 30 पदों के सापेक्ष 20 पदों पर स्थायी और तीन पदों पर संविदा कर्मचारी कार्यरत है, जबकि सात पद रिक्त हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर दफौट, नामतीचेटाबगड़, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय जखेड़ा में चिकित्साधिकारियों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। कर्मी, सैंज और बैड़ामझेड़ा में संविदा में चिकित्सक कार्यरत हैं। आयुष विंग राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय लाहुर, बनलेख, खातीगांव और सानीउडियार में नियमित चिकित्साधिकारी के पद रिक्त हैं। क्षेत्रीय मरीजों को केंद्रों से स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। जिले के आखिरी गांव खातीगांव से भी लोगों को सीएचसी कपकोट या जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है। विभाग ने जिले में 35 स्वास्थ्य केंद्र खोले हैं लेकिन केंद्रों में नियमित चिकित्साधिकारी की नियुक्ति न होने के कारण लोगों का इनका उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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केंद्रों में चिकित्सकों की नियुक्ति निदेशालय से की जाती है। क्षेत्रीय लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए व्यवस्था के तौर पर अन्य केंद्रों के चिकित्साधिकारी संबंधित केंद्र में सप्ताह के दो दिन मरीजों की जांच कर रहे हैं।
डॉ. निष्ठा कोहली, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, बागेश्वर