बागेश्वर। सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने चोरी के मामले में निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। मामले में दो दोषियों को एक-एक साल की सजा और अर्थदंड की सजा से दंडित किया गया था।
वादी लक्ष्मण सिंह निवासी दुलम ने 18 सितंबर 2022 को कपकोट थाने में रमेश सिंह निवासी नेपाल और कुंवर सिंह निवासी गोलना कपकोट के खिलाफ भगवती मंदिर से चोरी करने की तहरीर दी थी। मामले में वादी/मंदिर के पुजारी ने दोनों आरोपियों को चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा था।
कुंवर सिंह के पास से दो सोने के छत्र और रमेश कठायत के पास चांदी के तीन सिक्के मिले थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ धारा 457, 380, 411 में केस दर्ज किया और विवेचना के दौरान धारा 34 की बढ़ोतरी की गई।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीन अप्रैल 2023 फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को धारा 457/34 के तहत तीन साल का साधारण कारावास, 10,000 रुपये के अर्थदंड और धारा 380/34 में एक साल का साधारण, 10000 के अर्थ दंड से दंडित किया था।
आरोपियों ने सजा के विरुद्ध सत्र न्यायालय में अपील की। सत्र न्यायालय ने निचली अदालत की ओर से सुनाई गई सजा को सही ठहराते हुए बरकरार रखने का फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोविंद बल्लभ उपाध्याय और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला ने मामले की पैरवी की।