बागेश्वर के किसरोली गांव में पनीर पैकिंग करता विक्की मेहता। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। सैनिक हमेशा इरादे और हौसले से मजबूत रहता है। यहां तक कि सेवानिवृत्ति के बाद भी उसके हौसले में कोई कमी नहीं आती है। इसी जज्बे का परिचय बागेश्वर का एक रिटायर्ड सैनिक दे रहा है। इस सैनिक ने तमाम गांवों के पशुपालकों को रोजगार की नई राह दिखाई है। पशुपालकों का जो दूध गांव में बिक नहीं पाता था, उस दूध को रिटायर्ड फौजी 40 रुपया किलो गांव में खरीद रहा है। दूध से पनीर बनाकर और लोगों को भी रोजगार दिला रहा है। काफलीगैर क्षेत्र के किसरोली (असौं) निवासी सुरेश लाल साह वर्ष 2017 में भारतीय सेना की मैकेनिकल इंजीनियर कोर से हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए। समाजसेवा की ललक उनमें पहले से थी, सो उन्होंने पंचायती राजनीति में उतरकर समाजसेवा करने की ठानी। वर्ष 2019 में असों क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। इसमें सफलता नहीं मिली तो उन्होंने राजनीति से हटकर कुछ करने की ठानी। किसानों के उत्पादों का बाजार उपलब्ध कराने की योजना बनाई। उन्होंने किसरोली, तरमोली, बोहाला आदि गांवों के पशुपालकों को दुग्ध व्यवसाय के लिए प्रेरित किया और उनके सामने प्रस्ताव रखा कि वह उनका दूध खरीदेंगे। साह ने लोगों से 40 रुपया प्रति लीटर दूध खरीदने की बात तय की। प्रस्ताव से पशुपालकों के चेहरे खिलना लाजमी था, उन्हें घर पर दूध के इतने अच्छे दाम जो मिल रहे थे।
बीते 5 नवंबर से साह ने घर में ही दूध से पनीर बनाना शुरू किया। वर्तमान में उनके पास रोज 45 किलो दूध आता है। इससे पनीर बनाई जाती है। पनीर बनाने का काम बेरोजगार युवा विक्की मेहता को सौंपा है। रोज करीब आठ किलो पनीर बनता है। पनीर बागेश्वर के साथ ही काफलीगैर और अन्य इलाकों में बेचा जाता है। साह बताते हैं कि थोक में 325 रुपया किलो पनीर देते हैं। फुटकर में 350 रुपया किलो पनीर बेचा जाता है। उनके प्रयासों का लाभ 26 पशुपालकों को मिल रहा है।
घी प्लांट, आइसक्रीम फैक्ट्री लगाने की है योजना
बागेश्वर। सुरेश लाल साह बताते हैं कि वर्तमान में पनीर से उन्हें कोई लाभ नहीं हो रहा है। बस लागत निकल जा रही है। उनका कहना है कि किसानों का आर्थिक विकास उनका लक्ष्य है। इसके लिए शीघ्र ही घी का प्लांट लगाया जाएगा। गांव में ही मावा (खोया) बनाया जाएगा। दही की पैकिंग की जाएगी। निकट भविष्य में गांव में आइसक्रीम की फैक्ट्री लगाने की योजना है, ताकि लोगों को रोजगार दिया जा सके।
बागेश्वर के किसरोली गांव में पनीर पैकिंग करता विक्की मेहता। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR