बागेश्वर। कपकोट के एक गांव में दो नाबालिगों की शादी तय होने की जानकारी मिलने के बाद बाल विकास विभाग के निर्देश के बाद गांव पहुंची वन स्टॉप सेंटर की टीम ने दोनों नाबालिगों शादी रुकवा दी हैं।
जानकारी के अनुसार गांव में दो परिवारों ने 28 नवंबर और 30 नवंबर को अपनी नाबालिग लड़कियों की शादी तय कर दी थी। दोनों परिवारों के लोग शादी की तैयारियों में जुटे थे। किसी ने इसकी जानकारी बाल विकास विभाग को दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र बिष्ट के निर्देश पर बृहस्पतिवार को वन स्टॉप सेंटर की टीम गांव पहुंची। उन्होंने दोनों किशोरियों के माता-पिता को बुलाकर बताया कि नाबालिग की शादी कराना कानूनन अपराध है। टीम के समझाने के बाद दोनों परिवार मान गए।
टीम ने दोनों परिवारों को बालिग होने के बाद ही विवाह तय करने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि एक नाबालिग की उम्र 16 तो दूसरी की 17 वर्ष थी। वन स्टाफ सेंटर की टीम में प्रबंधक खष्टी जोशी, काउंसलर जया पांडेय और कपकोट थाने के पुलिस कर्मी शामिल थे। उधर, कपकोट के थानाध्यक्ष कैलाश सिंह बिष्ट ने टीम गांव जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि अभी टीम लौटी नहीं है। टीम के लौटने के बाद ही अन्य जानकारी मिल पाएगी।