तहसील परिसर में बिना अनुमति बन रहे बार भवन का काम एसडीएम ने रुकवा दिया। इससे अधिवक्ता गुस्सा उठे। एसडीएम और प्रभारी तहसीलदार से उनकी जमकर कहासुनी हुई।
अफसरों पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए उन्होंने कार्यबहिष्कार कर दिया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश सनवाल ने बताया कि बार की स्थानीय इकाई ने तहसील परिसर में विधायक निधि से बार भवन का निर्माण कार्य बृहस्पतिवार से शुुरू कराया।
एसडीएम रवींद्र बिष्ट और प्रभारी तहसीलदार खुशबू आर्या ने निर्माण कार्य रोकने के साथ-साथ अधिवक्ताओं से अभद्र व्यवहार किया। अधिवक्ताओं ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अनिश्चितकाल के लिए न्यायिक कार्यों से विरत रहने का ऐलान कर दिया।
तहसील परिसर में बार के अध्यक्ष रमेश सनवाल की अध्यक्षता में हुई सभा में वकीलों कहा कि जब तक एसडीएम और प्रभारी तहसीलदार माफी नहीं मांगेंगे तब तक वकीलों का कार्यबहिष्कार जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता वर्ष 2012 से नवनिर्मित तहसील के परिसर में एक टिनशेड में बैठकर कार्य कर रहे है।
तहसील प्रशासन ने उनके बैठने के लिए आज तक किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की है। वकीलों की मांग पर क्षेत्रीय विधायक चंदन दास ने बार भन के निर्माण के लिए अपनी निधि से दो लाख रुपये अवमुक्त किए हैं। तहसील प्रशासन बार को अब भवन बनाने के लिए रोक रहा है।
सभा को बार के सचिव जगदीश चंद्र आर्या, कोषाध्यक्ष भरत फर्स्वाण, उमेश पांडे, हरीश भट्ट, सुंदर बोरा, हरीश थायत, पवन लोहुमी, विनोद भट्ट, मनोज जोशी आदि ने संबोधित किया। एसडीएम और प्रभारी तहसीलदार ने बताया कि तहसील परिसर में भवन बनाने के लिए बार को अनुमति लेना जरूरी है। उच्चाधिकारियों की अनुुमति मिलने के बाद ही बार भवन निर्माण कर पाएगी।