यहां ऐंठाण में मां मानस सेवा समिति सरकार की नवाचार निधि के अंतर्गत लोेगों को भांग और बिच्छू घास के रेशों पर आधारित व्यवसाय का प्रशिक्षण दे रही है। शनिवार को अर्थ एवं संख्या विभाग के अधिकारियों ने कार्यक्रम का निरीक्षण किया।
संस्था के सदस्यों ने बताया देश के कई पर्वतीय राज्यों में भांग और बिच्छू घास के रेशों से धागे तैयार कर उनसे वस्त्र आदि बनाए जाते हैं। उत्तराखंड में इसकी काफी संभावनाएं हैं। अभी यह उद्यम प्रारंभिक अवस्था में है। इसेे मशीनों के माध्यम से विकसित किया जा सकता है।
अधिकारियों ने नवाचार निधि की योजनाओं का विवरण दिया। सेवा समिति के अध्यक्ष दिनेश पांडे ने इन व्यवसाय के फायदे गिनाए। प्रशिक्षक सिरतू राम देवांगन ने बताया मिजोरम में यह व्यवसाय पहले से ही चल रहा है। इनके रेशों से कपड़े तैयार कर दोहरा लाभ लिया जा सकता है।
इस मौके पर जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी डीपी नौटियाल, अपर सांख्यिकी अधिकारी कुंदन लाल, कुंवारी के प्रधान किसन सिंह दानू, सुरेश चंद्र, भुवन चंद्र जोशी, दमयंती राणा, हरीश चंद्र तिवारी, नवल किशोर पंत, उमेद सिंह राणा, नेहा, सानिया, कुलदीप, शेर सिंह आदि उपस्थित थे।