जिले में आपदा प्रबंधन के लिए सात डेस्क प्रणाली बनाई गई है। डीएम भूपाल सिंह मनराल ने इस प्रणाली के नोडल अधिकारियों और सदस्य अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि बरसात में आपदा का खतरा बढ़ जाता है।
सभी डेस्कों को संभावित आपदाआें से निपटने के लिए अभी से तैयारियां करनी हैं। उन्होंने आपदा प्रबंधन के लिए सातों डेस्कों के मध्य बेहतर तालमेल पर जोर दिया।
सेवन डेस्क को क्रियाशील करने के लिए बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए डीएम भूपाल सिंह मनराल ने कहा कि आपदा प्रबंधन के काम अलग डेस्कों को सौंपे गए हैं। इनके बीच बेहतर तालमेल के माध्यम से ही उचित प्रबंध हो सकेगा। आपदा आने पर तुरंत राहत शुरू हो सकेगी।
सात डेस्क प्रणाली के तहत प्रथम डेस्क आपदा आने पर स्थानीय टीमों के साथ ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ आदि संगठनों को भेजेगी। तुरंत बचाव की पहल करेगी। दूसरी सर्विस डेस्क राहत कैंप बनाकर व्यवस्था करेगी।
तीसरी अवस्थापना डेस्क में इंजीनियरिंग विभाग ध्वस्त योजनाओं को तुरंत ठीक करेंगे। चौथी डेस्क इलाज की व्यवस्था करेगी। पांचवीं लाजिस्टिक डेस्क राहत सामग्री का वितरण, छठी डेस्क संचार व्यवस्था, प्रेस सूचना, सातवीं रिसोर्स डेस्क त्वरित राहत राशि का वितरण करेगी। आपदा प्रबंधन विभाग सबके बीच तालमेल का काम करेगा।