उत्तरायणी की तैयारी-बागेश्वर के सरयू नदी में विशाल बोल्डर में भगवान शंकर का चित्र बनाता चित्रका?
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बागेश्वर। कोरोना के चलते भले ही इस बार उत्तरायणी का मेला भव्य रूप में नहीं मनाया जा रहा है लेकिन सरयू बगड़ (घाट) को सजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। नगरपालिका, सिंचाई विभाग के साथ ही चित्रकार इसमें अपना योगदान दे रहे हैं।
नगरपालिका सरयू पर लोगों की आवाजाही के लिए अस्थायी पुलिया का निर्माण कर रही है। सिंचाई विभाग घाटों पर रंग-रोगन करने में जुटा हुआ है। युवा चित्रकार पंकज सरयू नदी पर प्राचीन समय से पड़े विशाल बोल्डर में भगवान शंकर का चित्र बनाने में जुटे हैं। इस बार कोरोना के चलते मेले में केवल धार्मिक आयोजनों को अनुमति है।
बागेश्वर के उत्तरायणी मेले का समृद्ध इतिहास रहा है। इसी मेले से वर्ष 1921 में अंग्रेजों की कुली बेगार प्रथा के खिलाफ आवाज बुलंद हुई थी। उत्तरायणी पर्व पर देश के कोने-कोने से लोग सरयू में स्नान के लिए पहुंचते हैं। भगवान बागनाथ का आशीर्वाद लेते हैं। भले ही मेले में केवल धार्मिक आयोजन हो रहे हों लेकिन गंगा स्नान और यज्ञोपवीत संस्कार के लिए भारी संख्या में लोग उत्तरायणी पर्व पर बागेश्वर पहुंचेंगे, यह तय माना जा रहा है। सरकारी अमला भी उत्तरायणी पर्व की तैयारियों में जुट गया है। (संवाद)
बागनाथ मंदिर में पुलिस व्यवस्था की मांग
बागेश्वर। बागनाथ मंदिर प्रबंधन समिति ने 13 से 16 जनवरी तक बागनाथ मंदिर में पुलिस कर्मी तैनात करने की मांग की है। समिति ने एसपी मणिकांत मिश्रा को दिए पत्र में कहा है कि मंदिर परिसर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त पुलिस व्यवस्था की जाए। ताकि भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि उक्त तिथि से मंदिर सुबह पांच बजे से शाम की आरती तक खुला रहेगा। उधर समिति ने नगरपालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल से बागनाथ मंदिर, निर्माणाधीन धर्मशाला, बाणेश्वर मंदिर, बाजारी गोल्ज्यू मंदिर में लाइटिंग और सजावट करने की मांग की है। पत्र में समिति के अध्यक्ष नंदन सिंह रावल, प्रधान पुजारी भरत सिंह रावल, संरक्षक रतन सिंह रावल, उपाध्यक्ष संजय सिंह रावल, उपसचिव चंदन सिंह गढ़िया, कोषाध्यक्ष राजा साह गंगोला, बारीदार नीमा रावल के हस्ताक्षर हैं। (संवाद)