जिले में 24 घंटे से भी अधिक समय से बारिश हो रही है। बारिश से जनजीवन
अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश के कारण ठांगा गांव में एक दोमंजिला
मकान क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि प्राथमिक पाठशाला झांकरा का एक कमरा आंशिक
रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण सरयू और गोमती
का जलस्तर भी बढ़ता जा रहा है।
जिले में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन
पर बुरा असर पड़ा है। सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई हैं। आवागमन कम होने
से बाजारें सूनी पड़ी हैं। अनेक स्थानों पर नालियां चोक होने से गंदा पानी
सड़कों पर फैल रहा है।
इससे राहगीरों को कई परेशानियां झेेलनी पड़ रही हैं।
भारी बारिश से ठांगा गांव के पूरन राम का दोमंजिला मकान क्षतिग्रस्त हो
गया है। प्रभावित परिवार उस समय सो रहा था। मकान गिरने की आहट होते ही
प्रभावित परिवार ने भागकर जान बचाई।
अलबत्ता उसके कपड़े, बर्तन और
खाद्यान्न मलबे में दब गए। ग्राम प्रधान सतीश उप्रेती और बीडीसी सदस्य
कुंदन बोरा ने शासन प्रशासन से पीड़ित परिवार को अधिक से अधिक मुआवजा देने
की मांग की है। उधर शनिवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे प्राथमिक पाठशाला
झांकरा का एक कमरा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना में बच्चों को
कोई चोट नहीं आई। विद्यालय में 36 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को बचाने के
चक्कर में प्रधानाध्यापक मुल्की राज चोटिल हो गए। ग्राम प्रधान गिरीश चंद्र
जोशी ने बताया कि वर्ष 1961 में निर्मित पाठशाला भवन अब काफी जीर्णशीर्ण
हो गया है।
भवन के जीर्णोद्धार की कई बार मांग की है, लेकिन आज तक कोई
सुनवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने जिलाधिकारी से दैवी आपदा प्रबंधन मद से
भवन का जीर्णोद्धार कराने की मांग की है।
सूचना मिलते ही कांडा की
उपजिलाधिकारी रेखा कोहली और तहसीलदार कृष्ण कुमार ने मौका मुआयना किया।
एसडीएम ने बताया कि जिलाधिकारी को निरीक्षण रिर्पोट शीघ्र भेज दी जाएगी।