आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के आंदोलन में कूदने से विकासखंड के दो सौ पचास आंगनबाड़ी केंद्रों में एक माह से ताले लटके पड़े हैं। आंदोलन के चलते बच्चों के अभिभावक परेशान हैं। आंदोलित सेविकाओं ने ऐलान किया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक वह आंगनबाड़ी केंद्र वापस नहीं लौटेंगी।
बाल विकास परियोजना कार्यालय के समाने संगठन की ब्लाक अध्यक्ष नीमा गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी संगठन को आंदोलन करते एक माह से ज्यादा समय बीत गया है, लेकिन सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है।
संगठन की प्रांतीय उपाध्यक्ष विमला कोहली ने कहा कि जब तक संगठन की सभी मांगें पूूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सभा को संगठन की जिलायक्ष भगवती जोशी,, दीपा भसोड़ा, सरिता, कमला पंत आदि ने संबोधित किया। क्रमिक अनशन पर मंजू पांडे, हेमा शर्मा, जानकी, अंजू, पंकजा कोहली, भागीरथी चंद्र, सुशीला, चंपा, निर्मला आदि बैठीं। विधायक चंदन दास ने आंगनबाड़ी संगठन की मांगों को जायज बताया है।
उधर बागेश्वर में बाल विकास परियोजना कार्यालय बागेश्वर के प्रांगण में शुक्रवार को पांचवें दिन क्रमिक अनशन में मंजू देवी, कमला आर्या, हेमा कर्नाटक, भगवती पांडे और प्रेमा पांडे बैठीं।
सभा में जिलाध्यक्ष लीला आर्या, कमला, बसंती, नीमा, सावित्री, निर्मला, सावित्री और नीमा गोस्वामी आदि थे। उधर बाल विकास परियोजना कार्यालय कपकोट के प्रांगण में क्रमिक अनशन पर भवानी दानू, शीला देवी, रेखा रानी, गंगा आर्या, दीपा आर्या और धनी कांडपाल बैठीं। सभा की अध्यक्षता ब्लाक अध्यक्ष जानकी ऐठानी ने की। उधर छानी में भी अनशन जारी रहा।