ऐतिहासिक उत्तरायणी मेले के लिए बागेश्वर का सरयू बगड़ सजने लगा है। बागनाथ मंदिर को जाने वाले मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर नुमाइशखेत तक मार्ग को विशेष रूप फूल मालाओं से सजाया गया है। उत्तरायणी मेले का उद्घाटन 13 जनवरी को होगा। इसके लिए मेला परिसर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है।
नुमाइशखेत मैदान में मनोरंजन के लिए झूले और चरखे लगाने का काम तेजी से चल रहा है। मेलार्थियों के स्वागत के लिए नगर के सरयू पुल, तहसील रोड, कैलखुरिया, पेयजल पंप, दुग बाजार, बेड़ीबाधव मंदिर और प्रदर्शनी स्टाल पर तोरणद्वार बनाए जाएंगे।
तोरणद्वार बनाने की जिम्मेदारी अलग-अलग विभागों को दी गई है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए 15 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। फ्रेंड्स कंप्यूटर्स की ओर से सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू कर दिया है। नरेश उप्रेती ने बताया कि अगले चार दिनों के भीतर सभी कैमरे लगा दिए जाएंगे। गोमती पुल, सरयू पुल, सरयू बगड़, नुमाइशखेत आदि प्रमुख स्थानों पर कैमरे लगाए जाएंगे। मेले की तिथि नजदीक आते ही बाहर से व्यापारी सामान के साथ पहुंचने लगे हैं। कई व्यापारियों ने सरयू बगढ़ में दुकानें खोल दी हैं।
मेला क्षेत्र में पांच अस्थायी चौकियां बनेंगी
बागेश्वर। उत्तरायणी मेले में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मेला क्षेत्र में पांच अस्थाई पुलिस चौकियां बनाई जाएंगी। इनमें नुमाइशखेत, सरयू बगड़, जिला पंचायत परिसर, नीलेश्वर मंदिर, चंडिका मंदिर में अस्थायी चौकियां बनाई जाएंगी। कोतवाल टीआर वर्मा ने बताया कि मेले को देखते हुए बाहरी व्यापारियों सहित अन्य लोगों का सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रात्रि में गश्त भी बढ़ा दी है। सोमवार को एसडीएम जोनल मजिस्ट्रेट एसएस राणा, पालिका के ईओ राजदेव जायसी ने मेला स्थल का निरीक्षण किया।
आईआरबी की दो प्लाटून पहुंची
बागेश्वर। उत्तरायणी मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया है। सोमवार को आईआरबी की दो प्लाटून बागेश्वर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों द्वारा आईआरबी के लगभग 45 जवानों को मेला स्थल का दौरा कराकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। आईआरबी की दो प्लाटून 10 जनवरी को बागेश्वर पहुंचेगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान रहेगा। मेला परिसर में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा। सीसीटीवी कैमरे से भी गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।