उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के तत्वावधान में द्वितीय राजभाषा संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए बृहस्पतिवार को बागेश्वर में विशाल संस्कृत शोभायात्रा निकाली गई। इसमें विभिन्न विद्यालयों के 1100 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि विधायक चंदन राम दास ने शिरकत की।
नुमाइशखेत में आयोजित कार्यक्रम में विधायक दास ने कहा कि भारतीयता की रक्षा के लिए संस्कृत का संरक्षण जरूरी है। संस्कृत में ही हमारी संस्कृति और विज्ञान छिपा है। उन्होंने शासन स्तर पर वार्ता कर ब्लॉक स्तर पर संस्कृत विद्यालय खोलने का आश्वासन दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने संस्कृत को भारतीय भाषाओं का मूल आधार बताया। नगर पालिका अध्यक्ष गीता रावल और ब्लॉक प्रमुख रेखा खेतवाल ने कहा कि संस्कार संरक्षण संस्कृत से ही संभव है। स्थानीय संयोजक दीप चंद्र जोशी ने कहा कि संस्कृत वैज्ञानिक भाषा है।
संस्कृत अकादमी हरिद्वार से आए डॉ. हरीश चंद्र गुरुरानी ने कार्यक्रम की भूमिका रखी। कार्यक्रम को वृक्ष प्रेमी किशन सिंह मलड़ा, योगाचार्य कमलेश मेहता, सीईओ हरीशचंद्र सिंह रावत, बीईओ डॉ. बृजेंद्र जोशी, बार एसोसिएशन अध्यक्ष घनानंद जोशी, किशोरी लाल रतूड़ी, मोहन सिंह धामी, गिरीश तिवारी, अंजू दिगारी, नवीन परिहार, हेम पांडे, जगदीश जोशी, निर्मला उपाध्याय, गोपाल कोठारी, राजेश आगरी आदि ने भी संबोधित किया। संचालन डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी ने किया।
इसके बाद नुमाइशखेत से नगर के विभिन्न क्षेत्रों में शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा को विधायक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें गायत्री विद्या मंदिर, महर्षि विद्या मंदिर, कंट्रीवाइड स्कूल, हिमालयन सेंट्रल स्कूल, सैनिक हाइस्कूल, नेशनल मिशन इंटर कॉलेज, विवेकानंद इंटर कॉलेज, शिशु मंदिर हाइस्कूल, राबाइंका, राइंका मंडलसेरा, केंद्रीय विद्यालय, राइंका बागेश्वर के 1100 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और प्रधानाचार्यों ने प्रतिभाग किया।