बागेश्वर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वजल परियोजना की ओर से ब्लाक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में जिले को पूर्ण रूप से शौच मुक्त करने के लिए व्यापक रणनीति और ग्राम पंचायतवार शौचालय निर्माण के लिए ग्राम प्रधान, आशा और आंगनबाड़ी और स्वच्छता प्रेरकों के साथ विस्तार से विचार विमर्श किया गया।
परियोजना प्रबंधक गणेश पांडेय ने कहा कि बागेश्वर जिले की 40 ग्राम पंचायतें पूर्ण रूप से खुले में शौच मुक्त हो चुकी हैं। इन ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत 434 पारिवारिक व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कार्य किया गया है। ब्लाक प्रमुख रेखा खेतवाल ने पूरे विकासखंड को खुले में शौच की प्रथा से मुक्त करने का आह्वान किया।
कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ विरेंद्र भट्ट, संजय पांडे, आलोक सेमवाल ने खुले में शौच से होने वाली जलजनित बीमारियों की जानकारी दी। सभी लोगों को घरों में शौचालय निर्माण करने को कहा। मुख्य विकास अधिकारी एसएस पांगती ने स्वच्छ भारत मिशन की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जनपद बागेश्वर को मार्च 2017 तक पूर्ण रूप से खुले में शौच मुक्त करने के लिए जिला स्तर पर तैनात सभी अधिकारियों को ग्राम आवंटित कर दिए गए हैं। इस मौके पर ग्राम पंचायत बिलौना के प्रधान कैलाश सिंह गड़िया, नारायणगूंठ की प्रधान सविता नगरकोटी को खुले में शौच की प्रथा से मुक्त करने के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यशाला में प्रधान मोहन सिंह, निर्मला, अंजू देवी, हरीशचंद्र, मदन राम, अनीता टम्टा, हरीश चंद्र आगरी, स्वजल परियोजना के देवेंद्र कांडपाल, संजय सिंह, ध्यान चंद्र लोहनी आदि मौजूद थे। संचालन गिरिजा शंकर भट्ट ने किया।