बागेश्वर। मैदानी भागों में जहां हर रोज तापमान बढ़ रहा है, वहीं हिमनदों में बहार आ रही है। ठंडी हवाएं, झर-झर झरते झरने, मंद-मंद बहती नदियां और हरी-भरी पहाड़ियों पर खिले रंग बिरंगे फूल सैलानियों को बरबस अपनी ओर खींच रहे हैं। पर्यटक विश्व विख्यात पिंडारी ग्लेशियर की छटा का खूब लुत्फ उठा रहे हैं। कई पर्यटक पिंडर नदी में कयाकिंग का मजा ले रहे हैं।
लोनिवि के दावों के बावजूद पर्यटक जान हथेली में अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं। इन दिनों विश्व प्रसिद्ध पिंडारी, सुंदरढुंगा, कफनी ग्लेशियरों में बहार आई है। पिंडारी ग्लेशियर की यात्रा से लौटे अल्मोड़ा के हेम चंद्र पांडे और हल्द्वानी निवासी उनके मित्र मुकेश पंत ने बताया कि फुरकिया से आगे कई जगह बर्फ जमी है। रास्ता कई जगह क्षतिग्रस्त है।
कई जगह झाड़ी पकड़कर भी जाना पड़ा, हालांकि लोनिवि रास्ते को ठीक करवा रहा है। लोनिवि, केएमवीएन के रेस्ट हाउस में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। केएमवीएन ने रेस्ट हाउस में रात में उजाले के लिए जनरेटर की व्यवस्था है।
हेम पांडे ने बताया कि पिंडारी ग्लेशियर मार्ग में पर्यटकों को संचार, स्वास्थ्य, संचार सड़क की अच्छी सुविधा हो तो यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में खासी वृद्धि होगी। इससे कई खाली हाथों को रोजगार मिल सकता है। रोजगार को हो रहे पलायन पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है। इसी ग्लेशियर से निकलने वाली पिंडर नदी में पर्यटक कयाकिंग का खूब मजा ले रहे हैं।
भराड़ी कपकोट निवासी पूर्व कनिष्ठ उप प्रमुख हुकुम सिंह दानू ने बताया कि कई पर्यटक पिंडर नदी में कयाकिंग में मस्त हैं। वह पर्यटक उच्च हिमालयी क्षेत्र से निकलने वाली पिंडर में कयाकिंग का लुत्फ उठाते ऋषिकेश तक पहुुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मल्ला दानपुर का पर्यटन की दृष्टि से विकास हो तो इससे यहां हर साल देश-विदेश से आने वाले सैलानियों की संख्या हर साल बढ़ती जाएगी। इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के लिए पलायन के लिए मैदानी भागों को जानेे की जरूरत नहीं पड़ेगी।