बागेश्वर के तहसील परिसर में प्रदर्शन करते संघर्ष वाहिनी के सदस्य। संवाद
बागेश्वर। प्रदेश में चलाई जा रही स्मार्ट मीटर योजना का संघर्ष वाहिनी ने विरोध किया है। संगठन के सदस्यों ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। एसडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर योजना को वापस लेते हुए पुरानी मीटर पद्धति को जारी रखने की मांग की है।
वाहिनी के जिलाध्यक्ष कवि जोशी के नेतृत्व में सदस्यों ने तहसील परिसर में नारेबाजी की। अध्यक्ष जोशी ने कहा कि सरकार ने बिजली चोरी रोकने को लेकर जो स्मार्ट मीटर योजना बनाई है, वह लोगों को भरमाने की कोशिश है। पहले ही लोगों के घरों में डिजिटल मीटर लगे हुए हैं। इनके माध्यम से लोग लगातार बिल भी जमा कर रहे हैं। बावजूद इसके सरकार ने पहले प्रीपेड मीटर लगाने की बात कही। जनता ने विरोध किया तो अब योजना का नाम बदलकर स्मार्ट मीटर कर दिया है।
कहा कि सरकार की ओर से यूपीसीएल के निजीकरण का प्रयास किया जा रहा है। पूंजीपति गौतम अडानी को प्रीपेड मीटर लगाने का काम देना सरकार की इस मंशा को साफ करने के लिए काफी है। संघर्ष वाहिनी ने सरकार से यूपीसीएल के निजीकरण-ठेकाकरण की कोशिश बंद करने, बिजली की दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को कम करने, बिलों में मीटर रीडिंग के अतिरिक्त लगने वाले फिक्स चार्ज को समाप्त करने की मांग की है। इस मौके पर नवनीत बिष्ट, संस्कार भारती, विरेंद्र सिंह, प्रकाश पांडेय, चंद्रकांत भंडारी, अनमोल आदि मौजूद रहे।