बागेश्वर। नगर पालिका परिषद में लापरवाही का गजब मामला सामने आया है। एक महिला कर्मचारी को पेंशन की उम्र में वेतन दिया जा रहा है। वह रिटायर हो चुकी हैं लेकिन न तो उन्हें खुद पता चला, ना ही पालिका को। अब खुलासा होने के बाद पालिका के अधिकारी बगलें झांक रहे हैं।
कमला देवी नगर पालिका परिषद में पर्यावरण मित्र हैं। उम्र के हिसाब से अप्रैल में ही उनकी सेवानिवृत्ति हो जानी चाहिए लेकिन आज भी वह ड्यूटी कर रही हैं। बाकायदा पूरा वेतन भी ले रही हैं। इस मामले की परत तब खुली जब किसी ने उनकी सर्विस बुक पलटी। इसमें दर्ज विवरण के अनुसार कमला देवी का सेवाकाल अप्रैल में पूरा हो चुका है। यह बात पालिका कार्यालय में फैली तो अफसरों के होश उड़ गए।
नियमों के मुताबिक 60 साल की उम्र पूरी होने से छह महीने पहले रिटायरमेंट की प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए। यहां सेवानिवृत्ति की सोचना तो दूर, अप्रैल से जून तक काम करवाते हुए कमला देवी का वेतन भी जारी कर दिया गया। अब फाइलों में छुपी एक तारीख ने सिस्टम की पोल खोल दी। कमला देवी की मासूमियत और अफसरों की लापरवाही ने मिलकर ऐसा किस्सा रचा जो अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
सर्विस बुक और आधार कार्ड में उम्र के अंतर से हुई चूक
नगरपालिका के ईओ मोहम्मद यामीन शेख ने बताया कि कर्मचारी की सर्विस बुक में अंकित जन्मतिथि के अनुसार उम्र 60 साल हो चुकी है लेकिन आधार कार्ड और बैंक के खाते में वह अभी 58 साल की हैं। सर्विस बुक और अन्य दस्तावेज में जन्मतिथि अलग-अलग होने से सेवानिवृत्ति का समय पता नहीं चल पाया। मामले में गलती हुई है। प्रकरण की जांच कर कर्मचारी को सेवानिवृत्त किया जाएगा और जारी वेतन की संबंधित पटल से रिकवरी की जाएगी।
कोट
- कर्मचारियों से संबंधित सारे कार्य अधिष्ठान पटल देखता है। कमला देवी ने काम करने के बदले ही वेतन लिया है। मामले में अधिष्ठान पटल की गलती है। कर्मचारी को दिए गए अतिरिक्त वेतन की रिकवरी भी इसी पटल के कर्मचारियों से की जाएगी।
- सुरेश खेतवाल, नगरपालिका अध्यक्ष, बागेश्वर