शहर और गांवों में अचानक भिखारियों की बाढ़ आ गई है। जहां पुरुष साधुओं का वेष धरकर लोगों से भीख मांग रहे हैं वहीं बच्चे दिव्यांग होने का ढोंग रचकर ग्रामीण महिला और बुजुर्गों को ठग रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कोतवाल का घेराव करते हुए पुलिस प्रशासन से भिखारियों पर अंकुश लगाने की मांग की।
बागेश्वर में पिछले एक माह से अचानक दर्जनों की संख्या में भिखारी घूमते नजर आ रहे हैं। इनमें बच्चों की भी काफी तादात है। कई भिखारी बाबाओं के वेष में घर-घर जा रहे हैं तो कम उम्र के भिखारी दिव्यांग बनकर गांवों में घूम रहे हैं। गांव के सीधे-साधे लोग इनके झांसे में आकर पैसे दे रहे हैं। इतना ही नहीं भिखारी बाजार में राहगीरों और खरीददारी करने आई महिलाओं को भी परेशान कर रहे हैं।
अभाविप ने मंगलवार को कोतवाली पहुंचकर पुलिस से भिखारियों पर अंकुश लगाने की मांग की। घेराव करने वालों में एबीवीपी के कुमाऊं सह संयोजक आदर्श कठायत, जिला संयोजक विशाल नेगी, छात्र संघ अध्यक्ष हरीश मेहरा, सचिव कमल नेगी, दीपक गस्याल, मनीष मनराल, कृष्णा फर्स्वाण, सूरज मेहरा, धीरज गड़िया, अंकित नगरकोटी, मनोज बचखेती आदि शामिल थे।