रविवार रात हुई भीषण बारिश से कपकोट ब्लाक के बसकूना गांव और असों फाल्दा गांव के नाले उफना गए, जिससे पैदल पुलिया के अपरमेंट टूट गए हैं। दोनों गांवों के मुख्य रास्ते भी जगह-जगह ध्वस्त हो गए हैं। बसकूना नाले के दिशा बदलने के कारण वहां कुंदन सिंह मेहता, चंदन सिंह, नवीन सिंह, त्रिलोक सिंह, नरेंद्र सिंह आदि के घरों को गंभीर खतरा हो गया है।
भारी बारिश से असों गांव के गबूरी, फाल्दा गांव की पानी की योजनाएं भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। रैथल और खडगेड़ा गांव में सिंचाई और लघु विभाग से बनी गूलें भी टूट गई हैं। रैथल गांव को जाने वाला पैदल रास्ता भी कई जगह टूट गया है। भारी बारिश से बैड़ा और पांकण गांव के पैदल रास्ते और पेयजल योजनाएं ध्वस्त गो गई हैं।
वहां गधेेरों के तेज बहाव से भूकटाव हो रहा है। ज्येष्ठ ब्लाक उप प्रमुख हरीश सिंह शाही ने प्रभावित गांवों में जाकर क्षति का जायजा लिया। उन्होंने तहसील प्रशासन से दैवी आपदा मद से क्षति की शीघ्र भरपाई करने की मांग की है। राजस्व निरीक्षक नरेश पुनेठा और राजस्व उप निरीक्षक कुंदन सिंह मेहरा ने प्रभावित गांवों में हुई क्षति का आकलन किया।
इधर कांडा तहसील के रतघर में हुई भारी बारिश से राजेंद्र जोशी के मकान की छत क्षतिग्रस्त हो गई है। इस घटना में परिवार के लोग बाल-बाल बचे अलबत्ता उसका घरेलू सामान मलबे में दब गया। गांव के रास्ते भी टूट गए हैं। बीडीसी सदस्य जोगा सिंह मेहता ने प्रशासन से क्षति की भरपाई करने की मांग की है।
प्रभारी अधिकारी आपदा प्रबंधन हरबीर सिंह ने मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को चेेताया है। उन्होंने कहा कि अगले पांच दिनों तक राज्य में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। इसमें जिले में सात और आठ जुलाई को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने अधीनस्थ अधिकारियों और फील्ड स्तर के कर्मचारियों को तैनाती स्थल को किसी भी हालत में न छोड़ने के निर्देश दें और नदी नालों के किनारे रहने वाले परिवारों को सचेेत करें कि वह सुरक्षित स्थानों पर रहें।
उन्होंने लोनिवि और पीएमजीएसवाई के अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि वह बंद सड़कों को तुरंत खोलें। अधिक बारिश के कारण कोई घटना होती है तो सभी विभाग बचाव और राहत कार्यों के लिए तत्काल उपकरणों और अन्य संसाधनों समेत घटनास्थल पर पहुंचें।