बागेश्वर। कोरोना की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग सुविधाओं और व्यवस्थाओं के पुख्ता होने के लाख दावे करे, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। कोरोना की जांच के लिए की जा रही आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट आने में एक सप्ताह से अधिक का समय लग रहा है। कुछ ऐसा ही वाकया एक सेवानिवृत्त कर्मचारी की जांच में हुआ। उनके निधन के दो दिन बाद उनकी आरटी-पीसीआर जांच की रिपोर्ट मिली। हालांकि उन्होंने एहतियात बरतते हुए एक्सरे करवा लिया था, जिसके बाद वह डॉक्टरों की सलाह पर कोविड केयर सेंटर में भर्ती भी हो गए थे, लेकिन उनके परिवार के लोगों की जांच रिपोर्ट अब तक नहीं पहुंची है।
जिला मुख्यालय के रहने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी को बुखार की शिकायत थी। इसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल में जांच कराई। डॉक्टरों के कहने पर उन्होंने आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाया और एक्सरे भी करवा लिया। एक्सरे की रिपोर्ट के आधार पर उनमें कोरोना के लक्षण पाए गए और डॉक्टरों ने उन्हें कोविड केयर सेंटर में भर्ती करवा दिया। जहां विगत 17 मई को उनका निधन हो गया। उनके निधन के दो दिन बाद यानि 19 मई को उनके मोबाइल पर उनके कोरोना संक्रमित होने का मेसेज आया। वहीं कर्मचारी के संक्रमित पाए जाने के बाद परिवार के सदस्यों ने भी आरटी-पीसीआर जांच करवाई थी, जिसका रिपोर्ट अब तक नहीं मिल सकी है। ऐसे में परिवार के सदस्यों में संक्रमण को लेकर आशंका बनी हुई है।
जांच रिपोर्ट में देरी तो नहीं बन रही संक्रमण बढ़ने का कारण
बागेश्वर। आरटी-पीसीआर कराने के बाद जांच रिपोर्ट आने में देरी से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर पांडेय कहते हैं कि जांच के बाद विभाग लोगों को होम आइसोलेशन में भेज रहा है। इस दौरान गांवों में कई लोग एक-दो दिनों तक नियम पालन करते हैं, जिसके बाद वह घूमने लगते हैं। जांच रिपोर्ट आने तक वह कई लोगों से मिल चुका होता है। ऐसे में अगर वह संक्रमित पाया जाता है, तो कई अन्य को भी कोरोना बांट चुका होता है।
बुखार आने पर कराई थी जांच, स्वास्थ्य ठीक हो गया नहीं मिली रिपोर्ट
बागेश्वर। आरटी-पीसीआर जांच कराने के बाद रिपोर्ट आने में देरी के कई अन्य मामले भी हैं। कई गांवों में बाहर से आने वाले लोग एक सप्ताह तक होम आइसोलेट रहने के बाद भी जांच रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं पूर्व क्षेपं सदस्य भूपाल सिंह रौतेला ने बताया कि उन्होंने 14 मई को बुखार की शिकायत होने के बाद आरटी-पीसीआर जांच कराई थी। इसके बाद से वह होम आइसोलेशन में रहकर रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच वह बुखार से स्वस्थ्य हो चुके हैं, लेकिन सात दिन बीतने के बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली है।
आरटी-पीसीआर जांच की रिपोर्ट आने में कुछ समय लग रहा है। जिले से 16 मई तक भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है। कुछ निजी लैब से रिपोर्ट आने में अधिक समय लग रहा है। आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट आने में देरी को देखते हुए अब रैपिड एंटीजन जांच शुरू कर दी है। रैपिड टेस्ट में संशय होने वाले की ही आरटी-पीसीआर जांच कराई जा रही है। - डॉ. बीडी जोशी, सीएमओ बागेश्वर।