बागेश्वर। नगर में रोडवेज डिपो के बजाय स्टेशन बनाने और स्टेशन की व्यवस्थाएं भी पूरी न होने पर लोगों ने रोष जताया है। उन्होंने इस स्टेशन के भी ढंग से संचालित न होने पर तीखी प्रतिक्रिया की है। अमर उजाला ने 16 मार्च के अंक में रोडवेज डिपो और स्टेशन के नाम पर छलावे से संबंधित खबर का प्रकाशन प्रमुखता से किया था। इसको लेकर लोग मुखर हो उठे हैं। बागेश्वर के जागरूक लोगों को साथ ही कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में सरकार को आड़े हाथ लिया है। लोग चाहते हैं कि बागेश्वर में डिपो के नाम से भवन बना। इसलिए यहां परिवहन निगम का डिपो खुलना चाहिए। इससे यातायात व्यवस्था दुरुस्त हो और लोगों को भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
स्टेशन के उद्घाटन के दिन मंच से मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री ने झूठ बोला। सरकार ने जिले के लोगों को ठगने का काम किया है। इससे तो बेहतर था कि मुख्यमंत्री यहां न आकर देहरादून से ही स्टेशन का लोकार्पण कर देते।
- प्रमोद मेहता, अध्यक्ष विकास प्राधिकरण हटाओ मोर्चा
सरकार ने जिले की जनता को बेवकूफ बनाया गया है। नगर में परिवहन निगम का डिपो स्वीकृत हुआ था। इसका बोर्ड भी स्थल पर लगा था। अब यह पूरा स्टेशन भी नहीं बन सका। इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है?
- राजेंद्र उपाध्याय, समाजसेवी
राज्य की पूर्ववर्ती सरकार ने नगर में परिवहन निगम के डिपो को मंजूरी दी थी। इसका काम शुरू कराया था। तब लोगों की उम्मीद थी कि डिपो बनने पर जिले की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा लेकिन इस पर पानी फिर गया है।
- गीता रावल, पूर्व पालिकाध्यक्ष बागेश्वर
कांग्रेस शासनकाल में डिपो के लिए करोड़ों की रकम स्वीकृत की गई। भाजपा की सरकार ने डिपो के स्थान पर स्टेशन बना दिया। दो बसें यहां से उद्घाटन के दिन चलाई वह भी नहीं चल रही हैं। जनता इसका जवाब देगी।
- इंदिरा जोशी, प्रदेश सचिव महिला कांग्रेस