बागेश्वर। बागेश्वर-गिरेछीना मोटरमार्ग धारी से आगे बदहाल हो गया है। सड़क पर बने गड्ढों से वाहन चालकों और यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार रात सड़क के गड्ढों के कारण प्रसव पीड़िता को अस्पताल पहुंचाने में देर हुई तो आशा कार्यकर्ता ने बीच रास्ते ही सुरक्षित प्रसव कराया। सड़क की बदहाली से गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को प्रदर्शन कर मरम्मत करने की मांग उठाई।
चौहना ग्राम पंचायत के गढ़िया तोक निवासी पूजा देवी पत्नी विक्रम सिंह को रविवार रात प्रसव पीड़ा होने लगी। रात नौ बजे वाहन बुक कर परिजन उसे लेकर अस्पताल के लिए रवाना हुए। महिला के साथ में आशा कार्यकर्ता तारा देवी भी आईं। करीब साढ़े दस बजे धारी से कुछ नीचे आकर नैलगाड़ा मोड़ पर महिला की पीड़ा बढ़ गई और आशा कार्यकर्ता ने वहीं प्रसव कराया। आशा कार्यकर्ता की सूझबूझ से सुरक्षित प्रसव हो गया। इसके बाद महिला और बच्चे को अस्पताल लाया गया।
इधर, सड़क की बदहाली के कारण जंगल में प्रसव कराने की बात से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों ने कहा कि गढ़िया से बागेश्वर की दूरी मात्र 18 किमी है, लेकिन सड़क पर बने गड्ढों के कारण नैलगाड़ा मोड़ (चार किमी) तक पहुंचने में ही डेढ़ घंटे का समय लग गया। सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर पांडेय ने कहा कि इसी मार्ग से विधायक अपने पैतृक गांव जाते हैं। बावजूद इसके सड़क के सुधारीकरण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बागेश्वर से सोमेश्वर जाने के लिए इस मार्ग का अधिक उपयोग होता है। इसके बावजूद धारी से आगे सड़क की बदहाली को देखने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों ने चौहना गांव में सड़क पर सांकेतिक जाम लगाया और विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर जल्द सड़क के गड्ढे भरने की मांग की। इस मौके पर पूर्व ग्राम प्रधान चौहना बहादुर सिंह, रणजीत सिंह, महेंद्र सिंह, जगदीश सिंह, चंद्र सिंह, रमेश सिंह, कमल सिंह आदि मौजूद रहे।
बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग में अमसरकोट तक डामरीकरण का कार्य किया जा चुका है। किमी नौ से 11 तक डामरीकरण के लिए धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। मौसम खराब होने से काम नहीं हो सका था। जल्द ही तीन किमी की सड़क में डामरीकरण करा दिया जाएगा। - चंदन राम दास, विधायक, बागेश्वर।