फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

16 बरस बाद भी शहीद विनोद के नाम पर नहीं हुई सड़क

Wed, 04 Oct 2017 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कपकोट (बागेश्वर)।
विज्ञापन
शहीद विनोद जोशी की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पोथिंग ग्राम पंचायत निवासी सैनिक विनोद कुमार जोशी 16 बरस पहले आज ही के दिन देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे। पूर्व की सरकार ने अग्रणी चीराबगड़ पोथिंग सड़क का नाम शहीद के नाम पर रखने और मार्ग में प्रवेश द्वार बनाने की घोषणा की थी, लेकिन इस पर आज तक कुछ भी नहीं हो सका है। शहीद के परिजन सरकार की बेरुखी पर खासे आहत हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से घोषणा को शीघ्र मूर्तरूप देने की मांग की है।      
विज्ञापन


मालूम हो कि देश के इस वीर सपूत का जन्म 10 जून 1981 को पोथिंग गांव निवासी स्वर्गीय पूर्व सैनिक केवलानंद जोशी के घर हुआ था। उनमें बचपन से ही देशभक्ति का गजब का जज्बा था। वर्ष 1998 में इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह 1999 में 3 कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हो गए। प्रशिक्षण समाप्त के बाद उनकी पोस्टिंग जम्मू में हुई थी। पांच अक्तूबर 2001 को जम्मू कश्मीर के पुंछ सुरनकोट में वह घुसपैठियों से लड़ाई लड़ते हुए देश के लिए शहीद हो गए। शहीद विनोद अविवाहित थे।

घर में उनके छोटे भाई चंद्रप्रकाश जोशी का परिवार रहता है। उनका कहना है कि बड़े भाई का जन्म तो देश सेवा के लिए ही हुआ था। उनके शहीद होने पर तो गांव गौरवाविंत महसूस करता हैं, लेकिन शहीद भाई के नाम पर पूर्व में की गई घोषणा के पूरी न होने का दर्द हर किसी को है। वह कहते हैं कि 16 वर्ष बीत जाने पर भी आजतक सरकार द्वारा शहीद की स्मृति में एक स्मारक तक का निर्माण नहीं किया गया।
विज्ञापन


गांव को जोड़ने वाली सड़क का नाम शहीद के नाम पर रखने और प्रवेश द्वार बनाने की पूर्व की सरकार ने वर्ष 2015 में घोषणा की थी, लेकिन आजतक कुछ हुआ नहीं जिससे शहीद के परिजन ठगा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरकार पर शहीद की उपेक्षा का आरोप लगाया। शहीद के परिजनों ने सरकार से घोषणा शीघ्र पूरी करने की मांग की है। इधर विधायक बलवंत भौर्याल ने कहा कि सरकार शहीदों के परिवार की भावनाओं का सम्मान करती है। उनके गांव के विकास के लिए जो कुछ भी करना होगा उसके भरपूर प्रयास किए जाएंगे।    
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें