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लगातार हो रही बारिश से बागेश्वर में कई मकानों में आई दरार, मलबा आने से बंद रहीं 23 सड़कें

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बागेश्वर। बृहस्पतिवार से लगातार हो रही बारिश से जिले में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बारिश के कारण कई घरों के आंगन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मकानों में दरार आ गई है। शनिवार को जिले की 23 आंतरिक सड़कों में यातायात बाधित रहा। देवनाई-कोहिना सड़क पर लंबी दरार आ गई है।
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कौसानी-गरुड़ मुख्य सड़क भी कई घंटे तक बाधित रही। कपकोट के बदियाकोट को जाने वाली सड़क बृहस्पतिवार से बंद है। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण और उनके कई साथी तीन दिन से बदियाकोट में फंसे हुए हैं।
बारिश का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार सुबह आठ बजे से शनिवार सुबह आठ बजे तक 24 घंटे में गरुड़ में 114 मिमी, बागेश्वर में 75 तो कपकोट में 70 मिमी बारिश हुई।
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कपकोट के बड़ी पन्याली में भूस्खलन से लछम सिंह, खड़क सिंह, कुंवर सिंह, प्रताप सिंह, चंद्र सिंह, गोविंद सिंह के संयुक्त मकान का आंगन पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। मकान की दीवार तक भूस्खलन हो गया है।
यह लोग खतरे के बीच मकानों में रहने को मजबूर हैं। इन परिवारों ने सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है। कपकोट के लीली के चुपट्या तोक में कुंदन सिंह गढ़िया के घर के पास पेड़ गिरने से शौचालय क्षतिग्रस्त हो गया।
पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने फोन पर बताया कि वह लोग सड़क बंद होने से तीन दिन से बदियाकोट में फंसे हैं। सूचना देने के बाद भी सड़क नहीं खोली जा रही है। शनिवार सुबह पेड़ गिरने से बंद हुए कौसानी-बैजनाथ सड़क को कौसौनी पुलिस के जवानों ने खुलवाया।
जवानों ने थानाध्यक्ष निधि शर्मा के नेतृत्व में पेड़ को सड़क से हटाया। उधर, कपकोट में असों के डणू गधेरे के पास आए मलबे और पेड़ों को कपकोट फायर स्टेशन के इंचार्ज गणेश चंद्र के नेतृत्व में फायर सर्विस के जवानों के साथ ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने सड़क से हटाकर यातायात बहाल किया।
नदियों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
बागेश्वर। लगातार बारिश होने के कारण इन दोनों सरयू और गोमती के जल प्रवाह में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। नदियों का जल स्तर बढ़ने से डीएम विनीत कुमार ने अलर्ट जारी किया है।
पुलिस लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से नदियों के किनारे न जाने की अपील कर रही है। शनिवार को सरयू का जल प्रवाह 867 मीटर और गोमती का जल प्रवाह 864.20 मीटर था।
इन दोनों नदियों का चेतावनी स्तर 869.70 और खतरनाक स्तर 870.70 मीटर है। शुक्रवार को सरयू का जल प्रवाह 865.70, गोमती का जल प्रवाह 862.75 मीटर था।
अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश
बागेश्वर। लगातार हो भारी बारिश को देखते हुए डीएम विनीत कुमार ने अधिकारियों को हाई अलर्ट में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बंद सड़कों को तत्काल खोलने के निर्देश दिए हैं।
कहा है कि सभी राजस्व उपनिरीक्षक, वीडीओ, वीपीडीओ अपने क्षेत्रों में बने रहेंगे। समस्त चौकी/थाने भी आपदा संबंधी उपकरणों और वायरलेस के साथ हाई अलर्ट पर रहेंगे।
उन्होंने किसी भी प्रकार की आपदा की सूचना आपदा नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर 05963-220197, 220196 टॉल फ्री नंबर-1077 और 7536827373, 9634912152, 8859223535 पर देने को कहा है। कहा है कि आपदाकाल में कोई भी अधिकारी/कर्मचारी फोन स्विच ऑफ नहीं करेंगे।
बागेश्वर की यह सड़कें रहीं बंद
बागेश्वर। जिले में शनिवार को कर्मी-तोली, कपकोट-कर्मी, बघर, शामा-गोगिना, चीराबगड़-पोथिंग, शामा-नौकुड़ी, धैना, कौसानी-स्टेट गेस्टहाउस सड़क, कौसानी-बैजनाथ, जल्थाकोट-किमोली, बागेश्वर-दफौट, शामा-तेजम, भानी-हरसिंग्याबगड़, सनगाड़-बस्ती, कपकोट-पिंडारी-ग्लेशियर, भीड़ी-किमोली, सिरलोनी-लोहागड़ी, कमेड़ी-भैंस्यूड़ी, जैंसर-रौलियाना, सिया-बौड़ी, जौलकांडे-लेटी, रावतसेरा-बांसपठान मोटर मार्ग मलबा आने से बंद रहे। इनमें कर्मी-तोली सड़क 17 जून से बंद है।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार शामा-तेजम मार्ग, भानी-हरसिंग्याबगड़, भीड़ी-किमोली, देवनाई-कोहिना, कांडा-सनिउडियार सड़क पर शाम को यातायात बहाल हो गया था।
काफलीकमेड़ा में बढ़ा भूकटाव का खतरा
बागेश्वर। कपकोट के काफलीकमेड़ा गांव में बारिश ने काफी नुकसान पहुंचाया है। लगातार हो रही बारिश से गांव में भूस्खलन और भूकटाव हो रहा है। कई घर खतरे की जद में आ गए हैं।
इससे पूर्व भी बारिश ने गांव में भारी नुकसान पहुंचाया था। भयभीत ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर भूकटाव रोक ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
डीएम को भेजे ज्ञापन में काफलीकमेड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि 11 जून को हुई भारी बारिश से गांव के कई मकानों में दरारें पड़ गई हैं। इससे एक दर्जन से अधिक मकान खतरे की जद में आ गए।
खेती की भूमि भी मलबे में दबकर बर्बाद हो गई है। पैदल पुलिया ध्वस्त हो गई और निर्माणाधीन मोटर मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से पंचायत घर को खतरा पैदा हो गया है, पूर्व की बारिश से खतरे की जद में आए मकानों के आसपास भी मलबा गिर रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य चामू सिंह देवली ने ग्रामीणों की परेशानी दूर करने की मांग की।
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