बागेश्वर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति गंभीर चुनौतियों के मुहाने पर खड़ी है। जिला अस्पताल में वरिष्ठ महिला चिकित्साधिकारी डॉ. गायत्री पांगती के 31 अक्तूबर को सेवानिवृत्त होने से सामान्य प्रसव व्यवस्था पर संकट आ गया है। वर्तमान में वह सामान्य प्रसव की जिम्मेदारी संभालती हैं, जबकि एकमात्र महिला रोग विशेषज्ञ सर्जरी वाले प्रसव करती हैं।
पर्वतीय जिले के किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते जिलेभर के सामान्य और जटिल प्रसव मामलों का दबाव सीधे जिला अस्पताल पर रहता है। डॉ. गायत्री पांगती की सेवानिवृत्ति के बाद सामान्य प्रसव की जिम्मेदारी एकमात्र महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रीमा उपाध्याय के कंधों पर आ जाएगी। इससे जिलेभर के अस्पतालों और ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवतियों की देखरेख करना व्यावहारिक रूप से कठिन हो जाएगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
कोट
वरिष्ठ महिला चिकित्साधिकारी की सेवानिवृत्ति और स्टाफ की कमी का मामला संज्ञान में है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित रखने के लिए महानिदेशालय स्तर पर उच्चाधिकारियों से वार्ता की जा रही है। इस समस्या का जल्द वैकल्पिक और स्थायी समाधान निकाला जाएगा। - डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बागेश्वर