नगर निकायों के विस्तार के लिए शहरी क्षेत्र से लगे गांवों को नगर पंचायत या नगरपालिका में शामिल करने की कवायद शुरू होने से पहले ही विरोध में स्वर उठने लगे हैं। बागेश्वर के द्यांगण गांव के लोगों ने कहा है कि गांवों को पालिका में शामिल होने पर बिना जरूरी सुविधाएं दिए ग्रामीणों पर तमाम तरह के कर लगाए जाएंगे। यदि उनके गांव को नगरपालिका में शामिल किया गया तो इसके खिलाफ आंदोलन छेड़ा जाएगा।
मालूम हो कि बागेश्वर में नगरपालिका क्षेत्र का विस्तार करने के लिए पूर्व में शहर से लगे गांवों को नगरपालिका में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। ग्रामीणों ने इसका पुरजोर विरोध किया था। विरोध के चलते यह कवायद ठंडे बस्ते में चली गई। नई सरकार गठन के बाद नगर निकायों के जल्दी विस्तार की संभावना को देखते हुए शहरी क्षेत्र से लगे ग्रामीणों ने विरोध के स्वर उठाने शुरू कर दिए हैं।
द्यांगण के पूर्व प्रधान किशन कठायत, महेंद्र रौतेला, राजकुमार मेहता, आदर्श कठायत, मुन्ना कठायत, सुंदर कठायत, शिवा, ललित, अर्जुन कठायत आदि ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र को नगरपालिका में शामिल करने का वह विरोध करेंगे। उनका कहना है कि नगरपालिका अभी शहरी क्षेत्र में ही लोगों को जरूरी सुविधाएं नहीं दे सकी है। नगरपालिका में शामिल होने के बाद गांवों के विकास के लिए जो धन ग्राम पंचायतों को मिलता है उससे भी वंचित रहना पड़ेगा जबकि उन पर टैक्स का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।