जिला न्यायालय परिसर में पैरालीगल वालंटियर्स को प्रशिक्षण देते हुए जिला जज डा. जीके शर्मा ने कहा कि वालंटियर्स गांव-गांव में लोगों को उनके अधिकार दिलाने के प्रयास करेंगे।
उन्होंने जरूरतमंद लोगों के बारे में ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश वालिंटियर्स को दिए। शौचालय विहीन बालिका विद्यालयों का भी विवरण मांगा।
वालंटियर्स को संबोधित करते हुए जिला जज ने कहा कि पैरालीगल वालंटियर्स से उनके कार्यक्षेत्र में गुम हुए लोगों की मौजदा स्थिति, प्राथमिकी और समाधान की दिशा में हुए प्रयासों की जानकारी मांगी गई थी, यह विवरण एक हफ्ते के भीतर उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में डाक्टर और विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति और रिक्त पड़े पदों के साथ ही यह भी बताएं कि कितने विद्यालयों में अभी तक बालिकाओं के लिए शौचालय नहीं बने हैं।
शौचालय नहीं होने के कारण कितनी बालिकाएं विद्यालय छोड़ चुकी हैं। उन्होंने महिला समूहों को मजबूत बनाने के भी निर्देश दिए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रमणि राय ने वालंटियर्स के कार्यों की सराहना की।
उनसे विधिक सेवा प्राधिकरण और वादकारियों के मध्य सेतु बनने का आह्वान किया। सिविल जज सीनियर डिवीजन राकेश कुमार सिंह ने घरेलू हिंसा की रोकथाम और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए काम करने का आह्वान किया।
प्राधिकरण की सचिव श्रीमती ज्योत्सना ने लीगल एड क्लीनिक के निरीक्षण और रखरखाव की जानकारी दी। एसडीएम फींचा राम चौहान और जिला समाज कल्याण अधिकारी पीवी सिंह ने योजनाओं की जानकारी दी। वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद भट्ट और गोविंद बल्लभ उपाध्याय ने वालंटियर्स के सवालों का समाधान किया।