बीमारी के कारण आंखों की रोशनी गंवा चुके बिलखेत गैराड़ निवासी ललित सिंह नगरकोटी ने हिम्मत नही हारी। उन्होंने संगीत को आजीविका का जरिया बनाया। जिला पंचायत परिवार ने उन्हें हारमोनियम और तबले उपलब्ध कराए हैं।
बिलखेत निवासी 45 वर्षीय ललित सिंह नगरकोटी मुंबई में नौकरी करते थे। बीमारी के कारण उनकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई। घर की सभी जमा पूंजी और जेवरात तक इलाज में खर्च हो गए, लेकिन आंखों की रोशनी नहीं लौटी। बाद में वह घर लौट आए। ललित नगरकोटी शुरू से ही संगीत में रुचि रखते थे। महफिलों में हारमोनियम बजाया करते थे। आंखों की रोशनी जाने के बाद उन्होंने हारमोनियम वादन को परिवार के भरण पोषण का जरिया बनाया। पुराने हारमोनियम पर युवाओं को प्रशिक्षण देकर वह परिवार का खर्च जुटाते हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी की पहल पर उपाध्यक्ष, अपर मुख्य अधिकारी सहित सभी सदस्यों और कर्मचारियों ने धन एकत्र करके उनके लिए एक हारमोनियम और एक जोड़ी तबले खरीदे। शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, सदस्य भगत डसीला,अपर मुख्य अधिकारी राजेश कुमार, राजेंद्र परिहार आदि ने यह वाद्य यंत्र ललित नगरकोटी को सौंप दिए।