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वार्ता के लिए अधिकारियों के नहीं पहुंचने से नाराज कर्मी फिर धरने पर बैठे

Mon, 24 Apr 2017 10:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो कपकोट (बागेश्वर)
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कर्मचारियों से वार्ता करते एसडीएम रवींद्र बिष्ट। - फोटो : अमर उजाला
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वार्ता के लिए तय तिथि को उत्तर भारत हाइड्रो प्रोजेक्ट के अधिकारियों के नहीं पहुंचने से आंदोलित कर्मचारी नाराज होकर फिर से धरने पर बैठ गए। उपजिलाधिकारी रवींद्र बिष्ट ने फोन से पॉवर प्रोजेक्ट के अधिकारियों से वार्ता की। बुधवार तक सभी कर्मचारियों को एक माह का वेतन देने और चार मई को प्रबंधन के साथ वार्ता कराने का आश्वासन देने पर कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार हुए। 
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 वेतन बढ़ोत्तरी, भविष्य निधि, श्रम कानून के तहत सभी को वेतन भत्ते और निशुल्क आवास की सुविधा, वेतन हर माह की 10 तारीख निश्चित करने, ओवरटाइम का भुगतान, बोनस भत्ता, आईकार्ड उपलब्ध कराने और निकाले गए कर्मियों की वापसी की मांग को लेकर 18 अप्रैल को पॉवर प्रोजेक्ट के कर्मियों ने कार्यबहिष्कार कर दिया था। कर्मियों की हड़ताल से विद्युत उत्पादन ठप हो गया था।

एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट द्वारा 24 अप्रैल को प्रबंधन के साथ वार्ता कराने का आश्वासन देने के बाद दूसरे दिन कर्मचारी काम पर लौट गए थे। तय तिथि के अनुसार सोमवार को सभी कर्मचारी वार्ता के लिए पहुंचे लेकिन पॉवर प्रोजेक्ट के जिम्मेदार अधिकारियों के कपकोट नहीं पहुंचने की जानकारी पर सभी भड़क गए और फिर से कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम रवींद्र बिष्ट ने कर्मचारियों को समझाया और उन्होंने प्रबंधन के अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर चार मई को मांगों को लेकर वार्ता कराने का आश्वासन दिया। एक माह का वेतन बुधवार तक दिलाने के आश्वासन के बाद कर्मी मान गए।
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कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो फिर से हड़ताल पर चले जाएंगे। वार्ता के दौरान भाजपा नेता सुरेश गढ़िया, गिरीश जोशी, हरीश बिष्ट, गोविंद कपकोटी, नरेंद्र गढ़िया मौजूद थे। 
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