बागेश्वर में प्रदर्शन करते किसान व मजदूर।
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भारतीय मजदूर संघ और भारतीय खेतीहर मजदूर संघ ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय में जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट में धरना देने के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस धरना प्रदर्शन में जिले भर से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष पहुंचे।
पूर्व चेतावनी के अनुसार सोमवार को जिले भर से किसान भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले जिला मुख्यालय पहुंचे। इसके बाद नुमाइशखेत से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट में धरना स्थल पर आयोजित सभा में संघ के पदाधिकारियों ने बागेश्वर में खोले गए श्रम कार्यालय का नियमित संचालन, मजदूरों का पंजीकरण जनपद में तहसील स्तर पर करने, किसानों को आपदा और जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान का शीघ्र मुआवजा देने सहित विभिन्न मांगें उठाई गईं। भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह रावत ने कहा कि जिले के किसानों और मजदूरों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मजदूरों के पंजीकरण के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
श्रम विभाग द्वारा खोला गया पंजीकरण कार्यालय लगातार बंद पड़ा है। पंजीकरण की व्यवस्था नहीं होने से मजदूर वर्ग तमाम सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहा है। यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। डीएम मंगेश घिल्डियाल के आश्वासन पर धरना प्रदर्शन समाप्त किया।
धरना प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट, जिला प्रभारी गणेश सिंह बोरा, महामंत्री धीरज चंद्र जोशी, उमेश जोशी, विशन दत्त भट्ट, भुवन चंद्र, भैरव गिरी, तारा पाठक, मुन्नी देवी, हेमा देवी, जानकी देवी आदि शामिल थे।