राजकीय इंटर कालेज रातिरकेठी के 200 बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ चार शिक्षक रह गए हैं। प्रधानाचार्य, लिपिक समेत कई शिक्षकों के पद खाली हैं। शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गुस्साए ग्रामीणों ने समस्याओं का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
राजकीय हाईस्कूल रातिरकेठी को पिछले वर्ष इंटर की मान्यता मिली। तब 11वीं की कक्षा में 29 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए नए शिक्षक और प्रधानाचार्य की तैनाती नहीं की गई। पिछले वर्ष एक शिक्षक को प्रधानाचार्य के पद पर गरुड़ ब्लाक भेज दिया गया, लेकिन उनके स्थान पर कोई भी नहीं आया। कालेज में कुल 200 बच्चे रजिस्टर्ड हैं। उन्हें पढ़ाने के लिए एलटी के चार शिक्षक रह गए हैं। इनमें से एक शिक्षक डाक बनाने, बैठकोें में जाने, एमडीएम का लेखाजोखा रखने में ही व्यस्त रहते हैं।
ग्रामीणों ने शिक्षकों की तैनाती के लिए कई बार मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। जनप्रतिनिधि भी कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। पूर्व ग्राम प्रधान विजयपाल सिंह ने कहा कि शिक्षकोें के पद खाली रहने के कारण कई विद्यार्थी शामा, कपकोट जा चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।