अनर्सा, देवलचौंरा, चचई, कन्यालीकोट, ग्वाड़ क्षेत्र की महिलाओं के कड़े विरोध के चलते अनर्सा की देसी शराब की दुकान अभी नहीं खुल सकी है। इस दुकान के अब देवलचौंरा गांव में खोलने की सुगबुगाहट से वहां के ग्रामीणों ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों ने बताया कि अनर्सा से शराब की दुकान को हटाने को लेकर उन्होंने पिछले दिनों जोरदार आंदोलन किया था। जिसके बल पर दुकान बंद हो गई। इस बीच कुछ लोग दुकान को देवलचौंरा में खोलने की जुगत में हैं। उन्होंने कहा कि गांव में दुकान खुलने से जहां महिलाओं का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा, वहीं बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होगी। गांव में शिशु मंदिर, प्राइमरी स्कूल, डाकघर हैं जो पिंडारी मार्ग से सटे हैं।
शराब पीने से गांव में पहले ही अनेक लोगों की अकाल मृत्यु हो चुकी है। इससे चिंतित ग्रामीणों का कहना है कि कम उम्र के अनेक युवा शराब पीने के आदी हो जाएंगे। गांव में अशांति का माहौल बनेगा। इसलिए गांव में शराब की दुकान खुलने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
इनमें ग्राम प्रधान महेश लाल धौनी, जिला पंचायत सदस्य जानकी मेहता, सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण मेहता, सरपंच नारायण सिंह मेहता, उपप्रधान जगदीश मेहता, वार्ड पंच धना देवी, प्रेमा देवी, सरिता देवी, पान सिंह नगरकोटी, अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य दीवान सिंह मेहता आदि शामिल हैं। इधर आबकारी इंस्पेक्टर गोपी राम ने बताया कि दुकान अभी बंद है। डीएम के निर्देश पर ही अगली कार्रवाई होगी।