नुमाइशखेत बागेश्वर की रामलीला में मूर्च्छित लक्ष्मण का इलाज करते सुशैन वैद्य।
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। रामलीला कमेटी की ओर से नुमाइशखेत में चल रही रामलीला में लक्ष्मण मूर्च्छा का शानदार मंचन किया गया। अंगद रावण संवाद आकर्षण का केंद्र रहा। समुद्र पार कर श्री राम सेना के लंका तक पहुंचने के लिए समुद्र पर पुल बनाने का निश्चय किया। समुद्र पर पुल बनाने के बाद अंगद को संधि के लिए लंका भेजा गया लेकिन रावण ने संधि के प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
इसके बाद युद्ध हुआ और मेघनाथ के ब्रह्मास्त्र से लक्ष्मण को मूर्छित हो जाते हैं। इस पर हनुमान सुषेन वैद्य को बुलाने जाते है। वहां वह वैद्य जी से कहते हैं, ‘चलो वैद्य चलो जल्दी तुम्हे रघुवर बुलाते हैं...अगर चलने में हो देरी तो लक्ष्मण के प्राण जाते हैं’। वहीं दशहरे पर नुमाइशखेत मैदान में रावण परिवार के पुतले जलाकर बुराई का अंत किया गया।