बागेश्वर और पिथौरागढ़ को जोड़ने के लिए पूर्वी रामगंगा पर बना मोटर पुल खतरे की जद में है। एक साल पहले ध्वस्त अपरमेंट की सुरक्षा दीवार का आज तक पुनर्निर्माण नहीं हो सका, जिससे लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने शीघ्र पुनर्निर्माण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
गत वर्ष की बारिश में पूर्वी राम गंगा उफन गई। जिससे रमाड़ी गांव के नजदीक रामगंगा पर बने मोटर पुल की सुरक्षा दीवार गांव की ओर से क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन तब से इसका पुनर्निर्माण नहीं हो सका। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इसी पुल से होकर थल, नाचनी, मुनस्यारी, तेजम और पिथौरागढ़ जाते हैं। सुरक्षा दीवार के नहीं बनने से बरसात में फिर से उस पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। यदि पुल क्षतिग्रस्त हो गया तो लोगों का घरों से बाहर निकलना कठिन हो जाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र कुमार समेत कई लोगों ने शासन-प्रशासन से सुरक्षा दीवार का निर्माण शीघ्र करने की मांग की है। मांग शीघ्र पूरी नहीं होने पर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इधर लोनिवि के अधिशासी अभियंता हरीश पांगती ने बताया कि दीवार के पुनर्निर्माण के लिए शासन को प्राक्कलन भेजा गया है। बजट नहीं मिलने पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।