बागेश्वर। कपकोट के ग्रामीणों ने सीमांत बिचला दानपुर में स्वीकृत सड़कों एवं संचार से वंचित 25 गांवों को संचार से जोड़ने की मांग की है। इसके लिए जिला पंचायत सदस्य शामा हरीश ऐठानी और जिला पंचायत सदस्य बड़ेत वंदना ऐठानी के नेतृत्व में कपकोट के ग्राम गोगिना से बागेश्वर तक 73 किमी लंबी दो दिनी पदयात्रा निकाली गई। शुक्रवार को डीएम रंजना राजगुरु को ज्ञापन सौंपकर इसका समापन हुआ।
शुक्रवार सुबह कपकोट के पास पनोरा से पदयात्रा जिला मुख्यालय को रवाना हुई थी। सत्याग्रह पदयात्रा में शामिल लोग विकास प्राधिकरण का विरोध, स्वीकृत सड़कों, पुलों के निर्माण, सभी गांवों को संचार से जोड़ने की मांग कर रहे थे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए नगर में भी जुलूस निकाल कर विरोध, प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट में हुई सभा में वक्ताओं ने प्रदेश और केंद्र सरकार पर जमकर प्रहार किए। राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा, पूर्व विधायक कपकोट ललित फर्स्वाण के बाद सभी ग्रामीणों ने डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को दस सूत्री ज्ञापन भेजा।
इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद बिष्ट, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार, पूर्व प्रमुख राजेंद्र टंगड़िया, जिला पंचायत सदस्य सुरेश खेतवाल, गोपा धपोला, रेखा देवी, बीडीसी सदस्य अर्जुन भट्ट, चामू सिंह देवली, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मोहन कोरंगा, ग्राम प्रधान शीतला देवी, रातिरकेटी प्रधान सुरेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान कुंदन राम आदि थे।
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भारी बर्फबारी के बीच शुरू हुई थी पदयात्रा
बागेश्वर। नौ जनवरी को भारी बर्फबारी में सत्याग्रह यात्रा शुरू हुई। जिला पंचायत सदस्य हरीश ऐठानी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने 25 किमी से अधिक का सफर तीन फुट तक गिरी बर्फ में चलकर तय किया। जिले के बोरबलड़ा, कुंवारी, कालो, बाछम, खाती, हरसिंग्याबगड़, नौकोड़ी, शीरी, बड़ेत, पोथिंग, हांम्टी कापड़ी, गोगिना, मर्ल्खाडुंगर्चा, रातिरकेठी, माजखेत, लाथी, कन्यालीकोट, जगथाना, चचई, पुड़कुनी, पगना, पुंगरघाटी के गांव, लोहारचौरा, भिटारकोट समेत डेढ़ सौ से अधिक गांवों में बीएसएनएल या अन्य किसी भी नेटवर्क की मोबाइल फोन सेवा नहीं है। इससे लोगों को संपर्क करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।