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बरसाती नाला बंद होने से मजियाखेत और सैंज में घरों में घुसा मलबा

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बागेश्वर के मजियाखेत में चंपा जनौटी के मकान में घुसा मलबा। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। क्षेत्र में रविवार रात और सोमवार सुबह तेज बारिश हुई। मजियाखेत का बरसाती नाला बंद होने से मजियाखेत और सैंज में कई घरों में मलबा घुस गया। खेत, रास्ते और मकान के आंगन मलबे से पट गए। नाला बंद होने का असर अल्मोड़ा-बागेश्वर एनएच तक देखा गया। एनएच मलबे से पट गया। मजियाखेत में नाला बंद होने से लोगों में रोष है।
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रविवार की रात करीब आठ बजे से जिलेभर में तेज बारिश हुई। कपकोट में सबसे अधिक 100 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। हालांकि कपकोट से किसी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। गरुड़ में 30 और बागेश्वर में 26 एमएम बारिश हुई। बारिश के दौरान नगर के मजियाखेत में चंपा जनौटी, सुरेश जोशी, दर्शन सिंह जनौटी, मीना कांडपाल समेत कई लोगों के मकानों में मलबा पट गया। सैंज में भी कई घरों में मलबा और बरसाती पानी घुस गया। रास्ते बरसाती नाले में तब्दील हो गए।
रास्ते में मलबा पटने से आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजियाखेत का बरसाती नाला बंद होने से एनएच भी मलबे से पट गया। सड़क पर फैले कीचड़ से वाहन संचालन के साथ ही पैदल आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजियाखेत के बरसाती नाले में अतिक्रमण के कारण नाला बंद हो गया है।
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नाला कूड़े से पटा है, इस कारण बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। पूर्व कनिष्ठ प्रमुख सुनीता टम्टा का कहना है कि बरसाती नाला हर बरसात में मुसीबत खड़ी करता है। उन्होंने बरसाती नाले को दुरुस्त रखने की मांग करते हुए कहा है कि नाला नहीं खोला गया तो बरसात में कभी भी हादसा हो सकता है।
पालिकाध्यक्ष ने लिया नुकसान का जायजा
बागेश्वर। मजियाखेत में घरों में मलबा घुसने की सूचना पर पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल और सभासद नीमा दफौटी ने इलाके में पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। पालिकाध्यक्ष और सभासद ने कहा कि नाले को खुलवाने के प्रयास किए जाएंगे। सैंज का बरसाती नाला सिंचाई विभाग के अधीन है। सिंचाई विभाग से भी संपर्क किया जाएगा।
10 दिन बाद जखेड़ा पेयजल योजना में हुई जलापूर्ति
बागेश्वर। नगर के स्टेशन रोड, कठायतबाड़ा, ठाकुरद्वारा, लोनिवि कालोनी और अड़ौली गांव को पेयजल आपूर्ति करने वाली जखेड़ा ग्राम समूह पेयजल योजना से सोमवार से जलापूर्ति सुचारु हो गई है। योजना 20 अगस्त को आरे के पास पहाड़ी दरकने से क्षतिग्रस्त हो गई थी। चार दिन पहले
जल संस्थान ने योजना की मरम्मत कर दी थी, लेकिन फिर कुछ स्थानों पर पाइप फट गए। जल संस्थान के ईई सीएस देवड़ी का कहना है कि कई स्थानों पर योजना के पाइप बदल दिए गए हैं। सोमवार की सुबह से पानी वितरित किया। मंगलवार तक हालात सामान्य हो जाएंगे।
भराड़ी के साथ ही दो वार्डों में पेयजल किल्लत
बागेश्वर। कपकोट नगर पंचायत के भराड़ी बाजार के साथ ही वार्ड एक और दो में लंबे समय से पानी की किल्लत बनी हुई है। जिले के अमस्यारी में भी सात दिन से पानी की किल्लत बनी हुई है। सोमवार को कपकोट के नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने मामले में सभासदों के साथ बैठक की। नपं अध्यक्ष ने पेयजल किल्लत को लेकर फोन पर जल संस्थान के ईई सीएस देवड़ी से बात कर नाराजगी जताई। बैठक में सभासद दीपक ऐठानी, प्रवीण ऐठानी, दयाल ऐठानी मौजूद थे।
अमसरकोट में तीन दिन से बत्ती गुल
बागेश्वर। जिला मुख्यालय के नजदीक स्थित अमसरकोट में तीन दिन से बिजली नहीं है। बिजली न होने से इलाके के डेढ़ सौ परिवार बगैर बिजली के रात काटने को मजबूर हो गए हैं। जिला उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री अनिल कार्की ने बताया कि ट्रांसफार्मर फुंकने से 27 अगस्त से अमसरकोट में बिजली नहीं है।
बागेश्वर नगर में पल-पल में बिजली गुल हो रही है। रविवार की रात तहसील रोड, कठायतबाड़ा के साथ ही कई इलाकों में बिजली नहीं थी। सोमवार की सुबह बिजली बहाल हुई। सोमवार सुबह से शाम तक दर्जनों बार बिजली गुल हुई।
पल-पल गुल हो रह बिजली से लोग परेशान हो गए हैं। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी इसका असर पड़ रहा है। उधर, यूपीसीएल के ईई मोहम्मद अफजाल का कहना है कि अमसरकोट में सोमवार को ट्रांसफार्मर बदलने का काम शुरू हो गया है। अमसरकोट की बिजली बहाल हो जाएगी।
कटौती के संबंध में उनका कहना है कि कपकोट से आने वाली 33 केवी की लाइन में ज्वाइंट जल जा रहे हैं, इससे आपूर्ति बाधिक हो रही है। लाइन की मरम्मत के लिए टेंडर लगा दिए गए हैं। बरसात कम होते ही लाइन की मरम्मत की जाएगी। 33 केवी की लाइन से बागेश्वर के 123 केवी के सब स्टेशन के लिए बिजली आती है।
फोटो 29 बीजीएस 04, 05, 06 पी
बागेश्वर में तीन मकान क्षतिग्रस्त, पांच सड़कों में यातायात बहाल
बागेश्वर। बारिश के दौरान जिले में तीन मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। सोमवार को जिले की सात सड़कों पर यातायात बाधित था। पांच सड़कों पर यातायात बहाल हो गया है। 30 जुलाई से बंद डंगोली-सलानी, 15 अगस्त से बंद बिजोरीझाल-ओखलसों सड़क पर पीएमजीएसवाई डिवीजन सोमवार को भी यातायात बहाल नहीं कर पाया।
आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कपकोट के पोथिंग निवासी भुवन चंद्र जोशी पुत्र गोविंद बल्लभ, दुगनाकुरी के उडियार निवासी खुशाल सिंह पुत्र प्रताप सिंह और काफलीगैर के सकीड़ा निवासी पप्पू लाल पुत्र राम लाल का मकान बारिश के दौरान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रभावित परिवारों को सरकार से अनुमन्य अहेतुक राशि देने की कार्यवाही की जा रही है।
सोमवार की सुबह बागेश्वर-गिरेछीना, कांडा-रावतसेरा, कमेड़ी-पाये, पोथिंग-भगवती मंदिर, भयूं-गुलेर सड़क मलबा, बोल्डर गिरने से बंद हो गई थी। सड़कों पर यातायात बहाल हो गया है। 31 दिन से बंद डंगोली-सलानी और 15 अगस्त से बंद बिजोरीझाल-ओखलसों सड़क पर सोमवार को भी यातायात बहाल नहीं हुआ। लंबे समय से सड़क बंद होने से लोग बेहद परेशान हैं। पीएमजीएसवाई डिवीजन सड़क खोलने के लिए कई तिथियां घोषित कर चुका है लेकिन सड़क खोल नहीं पा रहा है। अब 31 अगस्त को दोनों सड़कों को खोलने का दावा किया है।

बागेश्वर के मजियाखेत में बरसाती नाला बंद होने से एनएच में पटा मलबा। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

सोमवार को बागेश्वर-गिरेछीना सड़क पर बारिश के दौरान गिरे बोल्डर। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

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